*रेत रायल्टी घोटाला की फाइल गायब होने के बाद गरमाया*
रायपुरः रायपुर जिले के आरंग में 2013 से 2016 के, बीच हुए करोड़ों रुपये के रेत रायल्टी घोटाले में जिला पंचायत की नींद नौ साल बाद टूटी है। यह तब हुआ जब लोक आयोग ने इस मामले की सुनवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान जिला पंचायत के अधिकारियों ने जांच फाइल चोरी होने का हवाला देते हुए सिविल लाइन थाने में आनन-फानन में अपराध दर्ज कराया है।सूत्रों के अनुसार, फाइल खुलने पर आरंग के तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ पंकज देव, सीपी मनहर और जांचकर्ता तत्कालीन जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ आरबी विश्वकर्मा भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। आरोप है कि ‘अधिकारियों को बचाने के लिए विभाग ने वर्ष 2018 में फाइल’ गायब कर दी। यह हैरान करने वाली बात है कि फाइल गायब होने के बावजूद जिला पंचायत के अधिकारियों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी।वर्तमान मे भी खनिज अधिकारी हेमंत चेरपा द्वारा 13/07/25 एक गाड़ी CG-04-PH-9087 को रायल्टी मे छेड़छाड़ के लिए पकड़ा गया था जिसका मामला लगता है दबा दिया गया


