*आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़**01/08/2025*
*रिक्त 642 पदों में सिर्फ 125 पदों की भर्ती सरकार की स्वास्थ्य के प्रति उदासीनता- गोपाल साहू, प्रदेश अध्यक्ष AAP*
*मेडिकल कॉलेज के खाली पदों की भर्ती में उदासीनता, स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दें-सूरज उपाध्याय,प्रदेश महासचिव (मीडिया, सोशल मीडिया प्रभारी, मुख्य प्रवक्ता) AAP*
रायपुर, 01 अगस्त 2025। प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में 125 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में 10 मेडिकल कॉलेज हैं,सभी कॉलेजों में कॉलेज प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर सहित 642 पोस्ट रिक्त हैं जिसमें प्रोफ़ेसर के 236 पद स्वीकृत हैं, उसमें 111 पद खाली हैं, एसोसिएट प्रोफ़ेसर के 396 पद स्वीकृत हैं जिसमें 194 पद खाली हैं वहीं असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के 556 पद स्वीकृत हैं जिसमें 337 पद खाली हैं। लेकिन सरकार ने सिर्फ 125 पदों के लिए ही वैकेंसी निकाली है, यह इस बात की ओर इंगित करता है कि राज्य सरकार मेडिकल छात्रों के भविष्य के प्रति कितनी लापरवाह है। जब मेडिकल कॉलेज में छात्रों को पढ़ाने वाले प्रोफेसर ही नहीं होंगे तो आगे छात्र पढ़कर डॉक्टर कैसे बनेंगे। कई कॉलेज में एनाटॉमी फिजियोलॉजी फार्माकोलॉजी बायोकेमेस्ट्री जैसे बेसिक संख्या में एक साथ कई पद रिक्त हैं कुछ जगह तो संविदा शिक्षक के भरोसे ही पढ़ाई हो रही है कई जगह स्थिति ऐसी है कि छात्रों को यूट्यूब, गूगल के भरोसे पढ़ाई करनी पड़ रही है ऐसे में इतने कम सहायक अध्यापकों की भर्ती होना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिहाज से अच्छा नहीं है। राज्य सरकार को चाहिए की रिक्त सभी 642 पदों की भर्ती जल्द से जल्द करे ताकि मेडिकल छात्रों का भविष्य बन सके।
प्रदेश महासचिव (मीडिया, सोशल मीडिया प्रभारी, मुख्य प्रवक्ता ) सूरज उपाध्याय ने कहा कि राजधानी के मेकाहारा में लगभग 50 डॉक्टरों की पोस्ट खाली है। डीकेएस सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल जो सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है वहां पर एक भी डॉक्टर रेगुलर नहीं और जितनी भी प्रकार की सेवाएं एमआरआई, सिटी स्कैन, सोनोग्राफी और ब्लड टेस्ट सहित अनेक सेवाएं आउटसोर्सिंग के माध्यम से किया जाता है, सवाल ये है कि जब राजधानी का ये हाल है तो राज्य में अन्य जगहों की क्या हालत होगी। वैसे भी राजधानी रायपुर में प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अंबेडकर अस्पताल में 80 करोड़ की मशीने ख़राब पड़ी हैं।विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में बताया है कि मेकाहारा में लगभग 50 में मशीन खराब पड़ी है या आउटडेटेड हो गई है और नई मशीन खरीदने के लिए प्रक्रिया जारी है, जब आपको पता है कि ये मशीन कितने दिन चलेंगी तो सरकार को 19 महीने हो गए तो अबतक आपने नई मशीन कि व्यवस्था क्यों नहीं की? इस लापरवाही के लिए क्यों ना मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा ले!
प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तम जायसवाल,प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्गा झा और प्रदेश उपाध्यक्ष भानुप्रकाश चंद्रा ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में खासकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा जिला अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव देखा जा रहा है। कई सरकारी अस्पतालों में स्थायी डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं,आवश्यक दवाएं एवं जीवनरक्षक औषधियों की समय पर आपूर्ति नहीं हो रही है। अस्पतालों की इमारतें जर्जर हो चुकी हैं और साफ-सफाई की व्यवस्था अत्यंत खराब है। आपातकालीन सेवाओं हेतु एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।जांच हेतु आवश्यक उपकरण जैसे X-ray, ECG, लैब टेस्ट की सुविधाएं अधिकतर जगहों पर नहीं हैं।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी और प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार से मांग करती है कि राज्य के सभी 10 मेडिकल कॉलेज में खाली सभी 642 पदों की भर्ती तत्काल करे। स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति की जाए। सभी आवश्यक दवाएं और उपकरण की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।अस्पतालों की मरम्मत एवं सफाई की व्यवस्था हो। जिलों और ब्लॉकों में पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाए।स्वास्थ्य कर्मचारियों की जवाबदेही तय हो और लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की जाए। जिससे आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
*मिहिर कुर्मी* *प्रदेश मीडिया प्रभारी**आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़**8461830001*
*रिक्त 642 पदों में सिर्फ 125 पदों की भर्ती सरकार की स्वास्थ्य के प्रति उदासीनता- गोपाल साहू, प्रदेश अध्यक्ष AAP*
*मेडिकल कॉलेज के खाली पदों की भर्ती में उदासीनता, स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दें-सूरज उपाध्याय,प्रदेश महासचिव (मीडिया, सोशल मीडिया प्रभारी, मुख्य प्रवक्ता) AAP*
रायपुर, 01 अगस्त 2025। प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में 125 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में 10 मेडिकल कॉलेज हैं,सभी कॉलेजों में कॉलेज प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर सहित 642 पोस्ट रिक्त हैं जिसमें प्रोफ़ेसर के 236 पद स्वीकृत हैं, उसमें 111 पद खाली हैं, एसोसिएट प्रोफ़ेसर के 396 पद स्वीकृत हैं जिसमें 194 पद खाली हैं वहीं असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के 556 पद स्वीकृत हैं जिसमें 337 पद खाली हैं। लेकिन सरकार ने सिर्फ 125 पदों के लिए ही वैकेंसी निकाली है, यह इस बात की ओर इंगित करता है कि राज्य सरकार मेडिकल छात्रों के भविष्य के प्रति कितनी लापरवाह है। जब मेडिकल कॉलेज में छात्रों को पढ़ाने वाले प्रोफेसर ही नहीं होंगे तो आगे छात्र पढ़कर डॉक्टर कैसे बनेंगे। कई कॉलेज में एनाटॉमी फिजियोलॉजी फार्माकोलॉजी बायोकेमेस्ट्री जैसे बेसिक संख्या में एक साथ कई पद रिक्त हैं कुछ जगह तो संविदा शिक्षक के भरोसे ही पढ़ाई हो रही है कई जगह स्थिति ऐसी है कि छात्रों को यूट्यूब, गूगल के भरोसे पढ़ाई करनी पड़ रही है ऐसे में इतने कम सहायक अध्यापकों की भर्ती होना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिहाज से अच्छा नहीं है। राज्य सरकार को चाहिए की रिक्त सभी 642 पदों की भर्ती जल्द से जल्द करे ताकि मेडिकल छात्रों का भविष्य बन सके।
प्रदेश महासचिव (मीडिया, सोशल मीडिया प्रभारी, मुख्य प्रवक्ता ) सूरज उपाध्याय ने कहा कि राजधानी के मेकाहारा में लगभग 50 डॉक्टरों की पोस्ट खाली है। डीकेएस सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल जो सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है वहां पर एक भी डॉक्टर रेगुलर नहीं और जितनी भी प्रकार की सेवाएं एमआरआई, सिटी स्कैन, सोनोग्राफी और ब्लड टेस्ट सहित अनेक सेवाएं आउटसोर्सिंग के माध्यम से किया जाता है, सवाल ये है कि जब राजधानी का ये हाल है तो राज्य में अन्य जगहों की क्या हालत होगी। वैसे भी राजधानी रायपुर में प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अंबेडकर अस्पताल में 80 करोड़ की मशीने ख़राब पड़ी हैं।विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में बताया है कि मेकाहारा में लगभग 50 में मशीन खराब पड़ी है या आउटडेटेड हो गई है और नई मशीन खरीदने के लिए प्रक्रिया जारी है, जब आपको पता है कि ये मशीन कितने दिन चलेंगी तो सरकार को 19 महीने हो गए तो अबतक आपने नई मशीन कि व्यवस्था क्यों नहीं की? इस लापरवाही के लिए क्यों ना मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा ले!
प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तम जायसवाल,प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्गा झा और प्रदेश उपाध्यक्ष भानुप्रकाश चंद्रा ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में खासकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा जिला अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव देखा जा रहा है। कई सरकारी अस्पतालों में स्थायी डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं,आवश्यक दवाएं एवं जीवनरक्षक औषधियों की समय पर आपूर्ति नहीं हो रही है। अस्पतालों की इमारतें जर्जर हो चुकी हैं और साफ-सफाई की व्यवस्था अत्यंत खराब है। आपातकालीन सेवाओं हेतु एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।जांच हेतु आवश्यक उपकरण जैसे X-ray, ECG, लैब टेस्ट की सुविधाएं अधिकतर जगहों पर नहीं हैं।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी और प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार से मांग करती है कि राज्य के सभी 10 मेडिकल कॉलेज में खाली सभी 642 पदों की भर्ती तत्काल करे। स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति की जाए। सभी आवश्यक दवाएं और उपकरण की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।अस्पतालों की मरम्मत एवं सफाई की व्यवस्था हो। जिलों और ब्लॉकों में पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाए।स्वास्थ्य कर्मचारियों की जवाबदेही तय हो और लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की जाए। जिससे आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
*मिहिर कुर्मी* *प्रदेश मीडिया प्रभारी**आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़**8461830001*

