*अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुनील किरण के नेतृत्व में एनटीपीसी सीपत द्वारा पीड़िता भू विस्थापित को नौकरी देने और 2008 में बनाया गया फर्जी त्रुटि पूर्ण वरीयता सूची की जांच के लिए कलेक्टर को फिर से सौंपा गया ज्ञापन*

*अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुनील किरण के नेतृत्व में एनटीपीसी सीपत द्वारा पीड़िता भू विस्थापित को नौकरी देने और 2008 में बनाया गया फर्जी त्रुटि पूर्ण वरीयता सूची की जांच के लिए कलेक्टर को फिर से सौंपा गया ज्ञापन*


बिलासपुर / अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुनील किरण के नेतृत्व में एनटीपीसी सीपत द्वारा पीड़िता भू विस्थापित को नौकरी देने और 2008 में बनाया गया फर्जी त्रुटि पूर्ण वरीयता सूची की जांच के लिए कलेक्टर को फिर से सौंपा गया ज्ञापन महोदय जी से निवेदन है कि एनटीपीसी सीपत द्वारा भू विस्थापित व हिंसा पीड़ित परिवार को नौकरी प्रदान की जावे भगत सिंह राठौर पिता स्व. रामकुमार राठौर उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम रॉक तहसील व धाना सीपत जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ निवासी है। एनटीपीसी द्वारा दादा जी चंद्रिका प्रसाद पिता बद्री प्रसाद के नाम से एनटीपीसी सीपत द्वारा भूमि अधिग्रहण किए हैं बदले में आज 25 सालो तक पीडित परिवार को मुआवजा व नौकरी नहीं दिया गया है? नियमनुसार जिला कलेक्टर के संरक्षण में जांच की जावे एनटीपीसी सीपत के अधिकारी के द्वारा सही जानकारी नहीं दी जाती है और गुमराह किया जाता है साथ ही साथ दुर्व्यव दुर्व्यवहार भी करते हैं वह पीड़ित परिवार को डराया धमकाया जाता है? एनटीपीसी सीपत द्वारा भू विस्थापित विस्थापित को नौकरी देने के लिए जिला जिला प्रशासन द्वारा वरीयता।सूची सन 2008 में बनाया गया विवादित भेदभाव त्रुटि पूर्ण सूची बनाया गया है जिससे कई भू विस्थापित की जमीन एक एकड़ से कम अधिग्रहण किए हैं उन भू विस्थापितों का नाम वरीयता सूची में दर्ज है? और उनको एनटीपीसी द्वारा नौकरी भी प्रदान किया गया है। जैसे कि जिला प्रशासन द्वारा बनाई वरीयता सूची क्रमांक 107 राजकुमार पिता बिसाहू ग्राम देवरी पटवारी हल्का 19 थाना व तहसील सीपत जिला बिलासपुर निवासी है जबकि राजस्व रिकॉर्ड व हल्का पटवारी प्रतिवेदन के अनुसार भूमि खसरा क्रमांक 1133/7 क्षेत्रफल 0.40 एकड़ के बजाय भूमि खसरा क्रमांक 1133/6 क्षेत्रफल 1.33 एकड़ का गलत उल्लेख करते हुए चयन और नियुक्ति की गई है एनटीपीसी सीपत और जिला प्रशासन द्वारा वरीयता सूची जारी की गई थी पूर्ण रूप से विवादित है। कलेक्टर महोदय जी से निवेदन है अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन छत्तीसगढ़ की मांग है कि त्रुटि पूर्ण नीति को तत्काल जांच कर कार्रवाई करें करें एवं पीड़ित परिवार को नौकरी देने की कृपा करें और त्रुटि पूर्ण वरीयता सूची के अनुसार एनटीपीसी दुवार पुनः भर्ती कर रही है भर्ती प्रकिया को स्थगित किया जब तक वरिया सूची की निष्पक्ष जाच कर व त्रिपक्षी बैठक होने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू किया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुनील किरण अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन छत्तीसगढ़ की मांग मोदी की गारंटी कहाँ है? छत्तीसगढ़ में एनटीपीसी सीपत द्वारा फर्जी वरीयता सूची के कारण पीड़िता भू विस्थापितों 3000 लोगो की नौकरी अंधेरे में? नौकरी का अधिकार छीनना बंद करो, वरीयता सूची रद्द करो ! आज कलेक्टर को फिर से फर्जी वरीयता सूची की जांच के लिए आवेदन पत्र दिया गया और पीड़ित परिवार के लिए आवाज़ उठाई सरकार कब सुनेगी?
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुनील किरण ने बताया कि एनटीपीसी सीपत द्वारा पीड़िता भू विस्थापित को नौकरी और 2008 में बनाया गया फर्जी त्रुटि पूर्ण वरीयता सूची की जांच के लिए कई सालो से पीड़िता भगत सिंह राठौर और अन्य लोग जिला कलेक्टर चक्कर काट रहे हैं हमारी मांग यह है कि कलेक्टर के संरक्षण में जांच के हो लेकिन कलेक्टर ने एस डी एम को जांच के लिए आदेश दिया है बिलासपुर एस डी एम और मस्तूरी एस डी एम का कहना है कि मैं जांच नहीं करूंगा कह रहे है? जो करेंगे कलेक्टर करेंगे। ऐसे में क्या जनता किस पर भरोसा करेंगे आखिर एनटीपीसी पर कार्यवाही से शासन प्रशासन को डर क्यों है।

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