*परम् पूज्य सद्गुरदेव जी भगवान श्री पंडोखर सरकार जी का दिव्य दरबार राजिम कुंभ कल्प में २१ से २५ शाम ३ बजे से ६ बजे विकास दुबे*
राजिम कुम्भ को प्रति वर्ष होने वाले कुम्भ के नाम से भी जाना जाता है, कुछ वर्ष पहले यह एक मेले का स्वरुप था यहाँ प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक पंद्रह दिनों का मेला लगता है राजिम तीन नदियों का संगम है इसलिए इसे त्रिवेणी संगम भी कहा जाता है, यह मुख्य रूप से तीन नदिया बहती है, जिनके नाम क्रमश महानदी, पैरी नदी तथा सोढुर नदी है, राजिम तीन नदियों का संगम स्थल है, संगम स्थल पर कुलेश्वर महादेव जी विराजमान है, वर्ष २००१ से राजिम मेले को राजीव लोचन महोत्सव के रूप में मनाया जाता था, २००५ से इसे कुम्भ के रूप में मनाया जाता रहा था, और अब 2019 से राजिम पुन्नी मेला महोत्सव मनाया जाएगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग, एवम स्थानीय आयोजन समिति के सहयोग से होता है उक्त मेले मे परम् पूज्य सद्गुरदेव जी भगवान श्री पंडोखर सरकार जी का दिव्य दरबार राजिम कुंभ कल्प में २१ से २५ शाम ३ बजे से ६ बजे तक लगने जा रहा है । पंडोखर सरकार जी के परम शिस्य श्री विकास दुबे जी से ये जानकारी प्राप्त हुई ।

