*राम रतन श्रीवास डॉक्टरेट मानद उपाधि से विभूषित हुए*

*राम रतन श्रीवास डॉक्टरेट मानद उपाधि से विभूषित हुए*


*शिक्षा एवं साहित्य सेवा से शिखर तक, देश एवं समाज का मान बढ़ाया*

ज्ञान, शिक्षा,साहित्य किसी उम्र या परिचय का मोहताज नहीं होती है । वह नित्य ही जीवन को तरासने का काम करती है। साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से मृत्युपरांत भी सदैव अमर होता है। मनुष्य अपनी मेहनत और लगन से असंभव को संभव कर सकता है इसी को चरितार्थ करते हुए छत्तीसगढ़ की पावन धरा भगवान महाकालेश्वर पिथमपुर क्षेत्र जिला जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ के समीप गांव पिसौद में एक साधारण परिवार में जन्मे राम रतन श्रीवास “राधे राधे” बचपन से ही अपने माता-पिता , गुरु एवं बड़े भाई-बहन के सुसंस्कार का अनुसरण करते हुए अपनी अमिट छाप आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षा, साहित्य एवं समाज कल्याण के लिए उदाहरण हो सकता है। “राधे राधे” को शिक्षा और साहित्य में असाधारण योगदान के लिए मेजिक एन्ड आर्ट यूनिवर्सिटी फरिदाबद नई दिल्ली के सभागार “द कैसल ऑफ़ आर्ट थिएटर फरीदाबाद में 13 जुलाई 2024 को डॉक्टरेट मानद उपाधि से विभूषित किया गया। इसमें भारत के 22 राज्यों के 85 प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में मेजिक एन्ड आर्ट यूनिवर्सिटी के चेयरमैन एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जादूगर सी. पी. यादव, मुख्य अतिथि डॉ. राम अवतार शर्मा (अध्यक्ष इंटरनेशनल वेलफेयर ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन), कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. एस के रोहिल्ला (पूर्व डायरेक्टर मेवाड़ यूनिवर्सिटी), विशिष्ट अतिथि कोंडाइसेथी सुरेश बाबू ,ए पी स्टेट ब्यूरो चीफ के एस 9 न्यूज, मंचस्थ विराजमान रहे। कार्यक्रम राष्ट्रगान से प्रारंभ हुआ। मंच संचालन कुमारी सुष्मिता डे के बेहतरीन अंदाज में किया गया संवाददाता ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के ग्राम पिसौद जिला जांजगीर-चांपा एवं कन्नौजिया श्रीवास समाज के आज तक के इतिहास में राम रतन श्रीवास “राधे राधे” ऐसे पहले व्यक्ति है जिन्हें शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में होनरेरी आफ डॉक्टरेट की उपाधि से विभूषित किया गया है। डॉ “राधे राधे” एवं अध्यात्मिक भगवताचार्य नवीन पाठक के साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सभ्यता और परंपरा का निर्वहन करते हुए छत्तीसगढ़ की परिधान में शामिल हुए। जिससे छत्तीसगढ़ की झलक दिखाई दी। वर्तमान में “राधे राधे” वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के अधिनस्थ कार्यरत हैं। इस उपलब्धि के पूर्व डॉ. राम रतन श्रीवास “राधे राधे” को कोरबा मितान सम्मान, मंडल रेल प्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर द्वारा सम्मान ,रेलवे भर्ती बोर्ड बिलासपुर द्वारा सम्मान, साहित्य शौर्य सम्मान, श्रीराम सम्मान ,छत्तीसगढ़ राष्ट्रभाषा भूषण सम्मान, श्री साहित्य सम्मान, मैन ऑफ द अर्थ सम्मान, साहित्य गौरव सम्मान इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा सम्मान, छत्तीसगढ़ हिंदी रत्न सम्मान, कालिदास सम्मान, विद्यापति सम्मान, अटल स्मृति सम्मान, हिन्द शिरोमणि सम्मान ,कबीर कोहिनूर सम्मान , लंदन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा दो बार सम्मान (कृष्णायण एवं चंद्रयान तीन विश्व किर्तिमान हेतु), ग्रेटेस्ट ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा सम्मान ( कृष्णायण), महात्मा बुद्ध रत्न सम्मान , छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा सम्मान, लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, मानद उपाधि शहिद वीर नारायण सिंह स्वाभिमान अवार्ड , साहित्योदय काव्य रत्न सम्मान, साहित्य भूषण, साहित्य रत्न इत्यादि सहित शतकों सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं। कन्नौजिया श्रीवास समाज साहित्यिक मंच छत्तीसगढ़ की स्थापना रमाकांत श्रीवास एवं डॉ. राम रतन श्रीवास “राधे राधे” ने संयुक्त रूप से स्थापना की है। इसके अलावा “राधे राधे” राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न साहित्यिक मंच के पदाधिकारी भी है जिसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (सभी वर्ष 2021 से) भारतोदय लेखक संघ, नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव, श्री राम अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव, जमशेदपुर साहित्य महोत्सव, पार्श्वनाथ साहित्य महोत्सव, युवा महिला संसद नई दिल्ली, शारदा पीठ अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव, बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव बौद्ध गया, सुप्रसिद्ध साहित्य महोत्सव एवं सम्मान , विश्वगुरु विकसित भारत अभियान 2047, युवा महिला संसद व सम्मान समारोह नई दिल्ली, भारत वर्ष महोत्सव नई दिल्ली , नालंदा अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव, उत्तराखण्ड साहित्य महोत्सव, श्रीनगर साहित्य महोत्सव , अंतर्राष्ट्रीय सम्राट अशोक महोत्सव, जैसलमेर साहित्य महोत्सव, लौह पुरुष सरदार पटेल महोत्सव, श्री कृष्ण अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव, श्री कृष्ण मीरा अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव, पशुपति भारत नेपाल साहित्य महोत्सव, शारदा पीठ देवी सरस्वती अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव, प्रस्तावित शारदा पीठ विश्वविद्यालय, बाबा साहेब अंतर्राष्ट्रीय अम्बेडकर महोत्सव, पंजाब अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव, महादेवी वर्मा सम्मान समारोह, कविता संसद पोएट्री पार्लियामेंट, रांची साहित्य महोत्सव, ग्लोबल हिन्दी महोत्सव, नारी शक्ति व भारत गौरव सम्मान युवा संसद नई दिल्ली, ऋषिकेश अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, अमरनाथ साहित्य महोत्सव, गुरु नानक साहित्य महोत्सव, प्रयागराज त्रिवेणी महोत्सव, इत्यादि । राष्ट्रीय महामंत्री – राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच (सीतापुर उत्तर प्रदेश 2023 से ), कोषाध्यक्ष– कवि लोक साहित्य परिषद (छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पंजिकृत संस्था, वर्ष 2023) शामिल है। दर्जन भर साझा काव्य संग्रह, भारत वर्ष खंड काव्य -१, ग्लोबल साहित्य मंजरी भाग-2 जैसे काव्य संग्रह के संपादक हैं, विभिन्न साहित्यिक मंचों के मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि , कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में शिक्षा एवं साहित्यिक सेवा डॉक्टरेट मानद उपाधि का आधार बना। हमारे संवाददाता ने पूछा कि इसका श्रेय किसे जाता है के जवाब में कहा कि इस उपलब्धि का सबसे बड़ा श्रेय माँ भारती, माता-पिता (स्व. बिसाहू राम श्रीवास, स्व. शांति बाई श्रीवास) बड़े भाई राधा रमण श्रीवास, जीवन संगिनी उर्वशी श्रीवास, और साहित्य जगत में लाने वाले अनुज रमाकांत श्रीवास को जाता है, जो हर कदम पर साथ खड़े हैं। यह उपलब्धि माँ भारती और देश को समर्पित करता हूंँ। विभिन्न साहित्यिक संस्थान, मित्रगण, पारिवारिक जन और समाज में इस प्राप्त उपलब्धि पर हर्ष के साथ शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है।

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