राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच सिलवासा के तत्वावधान में
श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न
{सिलवासा} :: भारत संघ शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली की राजधानी सिलवासा में दिनांक 21 जनवरी 2024 को राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच के तत्वावधान में भव्य कवि सम्मेलन श्रीराम अयोध्या मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के रूप हर्षोल्लास के साथ धूम धाम से मनाया गया । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राम कुमार रसिक (राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच के संस्थापक एवं अध्यक्ष), कार्यक्रम अध्यक्ष मीना जैन, विशिष्ट अतिथि राम रतन श्रीवास “राधे राधे” (राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच के महामंत्री एवं भारतोदय लेखक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), राष्ट्रीय ओज कवि पंकज अंगार, संध्या जैन “महक”, अति विशिष्ट अतिथि के रूप में किर्ति कुमार जैन रहे । कार्यक्रम के प्रारंभ में मांँ शारदे की वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। सिलवासा की धरती पर मनमोहक नृत्य कर बेटियों ने खूब तालियां बटोरीं। संवाददाता के प्रश्न पर मुख्य अतिथि ने बताया कि राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच की सफलता केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है अभी तक देश के आठ राज्यों में सफलता पूर्वक इसकी साहित्यिक शाखाएं कार्य कर रही है, साथ ही अन्य राज्यों में विस्तार प्रगति पर है। इस कार्यक्रम में ‘रसिक काव्य सरोवर’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। “राधे राधे” ने कहा कि साहित्यकार की कभी मृत्यु नहीं होती वह अपने साहित्यिक सृजन के माध्यम से धरातल में कालजयी बना रहता है आगे उन्होने साहित्य की बारिकियों को विश्लेषण किया । पंकज अंगार ने ओज पूर्ण काव्य की रस धार से मंत्र मुग्ध कर दिया। संध्या जैन महक ने शाकाहारी बनने के लिए प्रेरित किया एवं इस कार्यक्रम में सिलवासा क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकारों, नवांकुर कलमकारों ने काव्यांजलि की प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया जिससे तालियों की गड़बड़ से सभा कक्ष गूंजायमान हो उठता था। कार्यक्रम अध्यक्ष मीना जैन ने उद्बोधन में कहा कि सिलवासा क्षेत्र में राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच के तत्वावधान में और पुलक परिवार के सहयोग से यह कार्यक्रम भव्यता को प्राप्त किया । सभी कलमकारों को सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया साथ ही राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच के लिए उत्कृष्ट योगदान के फलस्वरूप सिलवासा ईकाई के लिए पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। पुलक परिवार की ओर से ‘अभिनंदन पत्र’ राम कुमार रसिक, राम रतन श्रीवास “राधे राधे”, संध्या जैन “महक” , पंकज अंगार को प्रदान किया गया। सभी पदाधिकारियों सहयोगियों एवं सिलवासा को हार्दिक बधाई देती हूंँ जिसके अथक प्रयास से संभव हो सका। विनय ने आभार व्यक्त किया एवं अमोल पालेकर ने अतिथियों , साहित्यकारों पत्रकारों, और श्रोताओं को इस कार्यक्रम में शामिल होने हेतु धन्यवाद कहा। खुशनुमा माहौल में कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई।
{सिलवासा} :: भारत संघ शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली की राजधानी सिलवासा में दिनांक 21 जनवरी 2024 को राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच के तत्वावधान में भव्य कवि सम्मेलन श्रीराम अयोध्या मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के रूप हर्षोल्लास के साथ धूम धाम से मनाया गया । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राम कुमार रसिक (राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच के संस्थापक एवं अध्यक्ष), कार्यक्रम अध्यक्ष मीना जैन, विशिष्ट अतिथि राम रतन श्रीवास “राधे राधे” (राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच के महामंत्री एवं भारतोदय लेखक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), राष्ट्रीय ओज कवि पंकज अंगार, संध्या जैन “महक”, अति विशिष्ट अतिथि के रूप में किर्ति कुमार जैन रहे । कार्यक्रम के प्रारंभ में मांँ शारदे की वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। सिलवासा की धरती पर मनमोहक नृत्य कर बेटियों ने खूब तालियां बटोरीं। संवाददाता के प्रश्न पर मुख्य अतिथि ने बताया कि राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच की सफलता केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है अभी तक देश के आठ राज्यों में सफलता पूर्वक इसकी साहित्यिक शाखाएं कार्य कर रही है, साथ ही अन्य राज्यों में विस्तार प्रगति पर है। इस कार्यक्रम में ‘रसिक काव्य सरोवर’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। “राधे राधे” ने कहा कि साहित्यकार की कभी मृत्यु नहीं होती वह अपने साहित्यिक सृजन के माध्यम से धरातल में कालजयी बना रहता है आगे उन्होने साहित्य की बारिकियों को विश्लेषण किया । पंकज अंगार ने ओज पूर्ण काव्य की रस धार से मंत्र मुग्ध कर दिया। संध्या जैन महक ने शाकाहारी बनने के लिए प्रेरित किया एवं इस कार्यक्रम में सिलवासा क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकारों, नवांकुर कलमकारों ने काव्यांजलि की प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया जिससे तालियों की गड़बड़ से सभा कक्ष गूंजायमान हो उठता था। कार्यक्रम अध्यक्ष मीना जैन ने उद्बोधन में कहा कि सिलवासा क्षेत्र में राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच के तत्वावधान में और पुलक परिवार के सहयोग से यह कार्यक्रम भव्यता को प्राप्त किया । सभी कलमकारों को सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया साथ ही राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच के लिए उत्कृष्ट योगदान के फलस्वरूप सिलवासा ईकाई के लिए पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। पुलक परिवार की ओर से ‘अभिनंदन पत्र’ राम कुमार रसिक, राम रतन श्रीवास “राधे राधे”, संध्या जैन “महक” , पंकज अंगार को प्रदान किया गया। सभी पदाधिकारियों सहयोगियों एवं सिलवासा को हार्दिक बधाई देती हूंँ जिसके अथक प्रयास से संभव हो सका। विनय ने आभार व्यक्त किया एवं अमोल पालेकर ने अतिथियों , साहित्यकारों पत्रकारों, और श्रोताओं को इस कार्यक्रम में शामिल होने हेतु धन्यवाद कहा। खुशनुमा माहौल में कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई।

