*शराब घोटाले मे लिप्त अफसर मुख्यमंत्री से गुहार लगाने कि तैयारी मे*
*22 अधिकारी सरकारी गवाहा बनने को तैयार*
प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) की शिकायत के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने राज्य में कोयला और शराब घोटाले मामले में नी जंबो एफआईआर दर्ज की है। राज्य में बड़े पैमाने पर पहली बार एफआईआर हुई है, जिससे प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। एफआईआर में पूर्व मंत्री, विधायक, कांग्रेस नेता, व्यापारियों, आईएएस, पूर्व आईएएस व आईपीएस, शराब निर्माता कंपनी के अलावा आबकारी विभाग के 22 अफसरों के नाम शामिल हैं। नई जानकारी यह है किअभियोजन स्वीकृति से पहले सचिवों को सीएम के निर्देश का इंतजारआबकारी अधिकारी अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से गुहार लगाने की तैयारी कर रहे हैं और शराब घोटाले मामले में सभी सरकारी गवाह बनने को भी तैयार हैं। हालांकि अब तक एसीबी की एफआईआर के बाद विभागीय सचिवों को अभियोजन स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री के निर्देशों का इंतजार है। एसीबी सभी आरोपियों के पासपोर्ट जब्त करने की तैयारी में भी है। बता दें कि एसीबी की गत 17 जनवरी को की गई एफआईआर 25 जनवरी को सामने आई। इसके बाद एफआईआर की कॉपी आग
कर रही हैं। इतना ही नहीं भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं से भी मुलाकात करने की कोशिश में जुटे हुए हैं कि किसी तरह उन्हें राहत मिल जाए। हालांकि इस बीच यह भी सवाल उठ रहा है कि एसीबी ने निर्माता कंपनी के नाम से एफआईआर दर्ज की है, सीधे डायरेक्टर के खिलाफ नामजद एफआईआर क्यों नहीं हुई है? इसे लेकर एसीबी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
की तरह सोशल मीडिया में वायरल हो गई, जिसमें ऐसे नामचीन लोगों के नाम शामिल हैं, जिनके इशारे पर कभी राजनीति और प्रशासन करवट बदलता था। एफआईआर के एक-एक शब्द बताते हैं
शराब घोटाला मामले में जेल में बंद एपी त्रिपाठी ने घोटाले को अंजाम देने के लिए अपनी पत्नी के नाम से भी रत्नप्रिया मीडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी खोल रखी थी। इस कंपनी का पता आबकारी विभाग के मुख्य कार्यालय के बाजू में दिया गया। कंपनी 2021 में एक लाख की कैपिटल से बनी और कंपनी का काम होलोग्राम बनाने का था। इस तरह कंपनी ने करोड़ों की संपत्ति बनाई है। इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है।
त्रिपाठी ने पत्नी के नाम पर खोली कंपनी
सूत्रों की मानें तो एक तरफ आबकारी अमले में हड़कंप मचा है। वहीं शराब निर्माता कंपनियों के नाम एफआईआर कटने से उनकी बेचैनी भी बढ़ गई है। अधिकांश शराब
निर्माता कंपनी दिल्ली पहुंच चुकी हैं और मामले
शराब निर्माता कंपनियों में सुप्रीम कोर्ट से अधिवक्ताओं से रायशुमारी की भी दिल्ली दौड़
सभी 22 अधिकारी सरकारी गवाह बनने को हैं तैयार, शराब निर्माता भी सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से ले रहे सुझाव शराब घोटाले में फंसे अफसर सीएम से गुहार की तैयारी में

