शिक्षा के विकास के लिए श्रद्धेय महाराज जी ने विद्या मंदिर की स्थापना की- राजेश्री महन्त जी

शिक्षा के विकास के लिए श्रद्धेय महाराज जी ने विद्या मंदिर की स्थापना की- राजेश्री महन्त जी*


*पूर्वजों के बनाए गए बाड़े का जीर्णोद्धार कर जनहित में लोकार्पित किया है*
ग्राम रेंगाडीह श्री जैतु साव मठ का गांव है इस क्षेत्र में शिक्षा के विकास के लिए यहां पर श्री स्वामी लक्ष्मी नारायण दास जी महाराज जी ने विद्या मंदिर की स्थापना की थी जिससे यह क्षेत्र शिक्षा की दृष्टि से आगे बढ़ा यह बातें महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने पलारी क्षेत्र में स्थित ग्राम रेंगाडीह में श्रीमद् भागवत महापुराण में उपस्थित श्रोताओं को अपना आशीर्वचन प्रदान करते हुए अभिव्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वाचार्यों ने यहां पर प्राचीन बाड़े का निर्माण किया था जिसको सर्व सुविधा युक्त जीर्णोद्धार करके मठ ट्रस्ट ने आप सभी के लिए जनहित में लोकार्पित किया है। यहां पर आप लोगों के द्वारा श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया है यह देखकर हमें बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि-मकर संक्रांति के पश्चात सूर्य नारायण उत्तरायण हुए हैं इस पुनीत बेला में भगवान की कथा का रसपान कर रहे हैं यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। व्यास पीठ पर विराजित आचार्य भी बहुत सुंदर सरल शब्दों में हम सभी को श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कर रही हैं। जैतु साव मठ के सचिव दाऊ महेंद्र अग्रवाल ने इस अवसर पर अपना विचार अभिव्यक्त करते हुए कहा कि भगवान राम जी सभी के हैं पूरे देश में भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा का महोत्सव चल रहा है हम सभी इस सुखद अवसर के साक्षी बने हैं। लोगों को श्री अजय तिवारी ने भी संबोधित किया और कहा कि त्रेता युग में भगवान राम ने तथा द्वापर युग में भगवान कृष्ण ने अवतार लिया हम सभी उनकी उपासना करते हैं। व्यास पीठ पर विराजित सुश्री भगवती द्विवेदी ने कहा कि- तीन चीजें संसार में दुर्लभ है पहला मनुष्य का शरीर, दूसरा आत्म कल्याण की भावना और तीसरा संत महात्माओं का दर्शन आज प्रभु की कृपा से पूज्य महाराज जी के दर्शन करने का सौभाग्य हम सभी को मिला है। इस अवसर पर गांव के वरिष्ठ नागरिक नागेश साहू, रमेश्वर साहू, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित ग्राम वाशी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कीर्तन मंडली के सदस्यों के द्वारा महाराज जी का भजन कीर्तन करते हुए स्वागत किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *