सारा जग है राम मय, श्रीराम ही अभिराम है।रोम-रोम है बहुत, मन में सिर्फ राम है।।मन में सिर्फ राम हैं.राम रतन श्रीवास

*꧁𝒬☞︎︎︎श्रीराम ही अभिराम है☜︎︎︎𝒬꧂*.

┈┉═❀❀═┉┈सारा जग है राम मय, श्रीराम ही अभिराम है।रोम-रोम है बहुत, मन में सिर्फ राम है।।मन में सिर्फ राम हैं…….माता पिता वचनों की, रक्षा की ए कामना।भक्ति भाव प्रेम रस , निस्वार्थ है ए भावना।।देव गगन में देख रहा, भक्तों की कामना को।।धाम-धाम ढूंढ रहे, खुद धाम ए श्रीराम को ।।सारा जग है राम मय, श्रीराम ही अभिराम है।रोम-रोम है बहुत, मन में सिर्फ राम है।।मन में सिर्फ राम हैं…….सूर्यवंश प्रताप है , तप का प्रभाव में ।तप भी प्रभाव है, श्री राम के प्रभाव में।।रज-कण तरस रहे , श्रीराम के प्रवास में।हरी दर्शन होंगे अब ,श्रीराम के विश्वास में।।सारा जग है राम मय, श्रीराम ही अभिराम है।रोम-रोम है बहुत, मन में सिर्फ राम है।।मन में सिर्फ राम हैं…….वन गमन में राम है , ऊंच-निच न अधर्म है।धर्म ही धर्म पाकर, श्रीराम ही धर्म है।।नवधा रस भक्ति में, शबरी की तलाश है।हरि के हरी रूप में, हरि का हर आश है।।सारा जग है राम मय, श्रीराम ही अभिराम है।रोम-रोम है बहुत, मन में सिर्फ राम है।।मन में सिर्फ राम हैं…….सागर भी डोल गया, मर्यादित श्रीराम है।पुरुषोत्तम हैं वही, जो मर्यादा श्रीराम है।।अवसर तलाश में, अवसर श्रीराम है।अभिमानी है रावण, हरि दर्शन श्रीराम है।सारा जग है राम मय, श्रीराम ही अभिराम है।रोम-रोम है बहुत, मन में सिर्फ राम है।।मन में सिर्फ राम हैं…….भारत महान है, राम राज्य कामना।हरिजन की प्यास बुझी, ‘राधे’ की भावना।।कौशल प्रदेश है, राम के ननिहाल का।अयोध्या धाम है, हर गांव-नगर श्रीराम का।।सारा जग है राम मय, श्रीराम ही अभिराम है।रोम-रोम है बहुत, मन में सिर्फ राम है।।मन में सिर्फ राम हैं……. ┈┉═❀❀═┉┈ राम रतन श्रीवास “राधे राधे” बिलासपुर छत्तीसगढ़

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