पुत्रों कुपुत्रो जयते, माता कुमाता न भवति- राजेश्री महन्त जी

पुत्रों कुपुत्रो जयते, माता कुमाता न भवति- राजेश्री महन्त जी


*नवदुर्गा नगर चौरसिया कॉलोनी में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण अमृत ज्ञान यज्ञ में सम्मिलित हुए*
महामण्डलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज पीठाधीश्वर श्री दूधाधारी मठ रायपुर एवं श्री शिवरीनारायण मठ नवदुर्गा नगर ,चौरसिया कॉलोनी, दक्षिण विधानसभा क्षेत्र रायपुर में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण अमृत ज्ञान यज्ञ में सम्मिलित हुए। यहां आयोजन समिति की ओर से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर महन्त जी महाराज का अत्यंत ही आत्मियता पूर्वक स्वागत किया गया। राजेश्री महन्त जी ने व्यास पीठ पर विराजित आचार्य रुपेश जी महाराज का शाल श्रीफल से स्वागत किया आचार्य जी ने भी अभिनंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर अपना आशीर्वचन प्रदान करते हुए राजेश्री महन्त जी महाराज ने कहा कि- सनातन धर्म में हम लोग चार नवरात्रि मनाते हैं जिसमें दो प्रत्यक्ष एवं दो अप्रत्यक्ष हैं! आप सभी मात्रृ शक्तियों ने नवदुर्गा महिला समिति के माध्यम से यहां पर श्रीमद् देवी भागवत महापुराण अमृत ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया है, इस आयोजन में इंद्र देवता भी साक्षी होकर अमृत के समान जल वर्षा रहे हैं यह सुखद अनुभव है। हमारे सनातन धर्म में हमेशा नारी शक्ति की सम्मान करने की परिपाटी रही है। धर्म शास्त्रों में लिखा है कि -पुत्रों कुपुत्रो जायते, माता कुमाता न भवति। कुपुत्रो जायते क्वचिदपि, कुमाता न भवति।। अर्थात पुत्र कुपुत्र हो सकता है किंतु माता कभी कुमाता नहीं हो सकती। व्यास पीठ पर विराजित आचार्य जी ने कहा कि- आज हमारे सतगुरु देव ने यहां दर्शन देकर हमारे यज्ञ को सफल कर दिया हम उनका हृदय से कृतज्ञापित करते हैं। इस अवसर पर विशेष रूप से राजेश्री महन्त जी महाराज के साथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुमित दास, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव, राजेश पुरी गोस्वामी, श्री वर्मा जी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे।

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