*विधवा महिला को अंतत न्यायालय से मिला न्याय*

*विधवा महिला को अंतत न्यायालय से मिला न्याय*



*चक्कर लगाती विधवा महिला की शिकायत पर पुलिस करती रही टाल मटोल*

गहनों से कमाई का झांसा देकर धमतरी निवासी विधवा महिला से करीब 40 लख रुपए के सोने चांदी की अमानत में खयानत मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धमतरी के आदेश अनुसार धमतरी सिटी कोतवाली पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ धारा 420 एवं 406 के तहत जुर्म दर्ज किया है | धमतरी निवासी महिला दीपाली सोनी के पति की मृत्यु के बाद उसके पास आय का कोई साधन नहीं था, महिला के पति की मृत्यु की जानकारी के बाद तसलीमा खान उर्फ पिंकी नामक महिला जो दीपावली की पूर्व परिचित थी ने समय की नजाकत का फायदा उठाते हुए सांत्वना देने के बहाने उसके घर बार-बार जाना आना शुरू किया, खुद को उसका ही तैसी बात कर मीठी मीठी बातों में उलझा कर दीपाली सोनी के मायके एवं पति द्वारा दिए गए गहनों से 50 हजार रुपए प्रतिमाह की कमाई का लालच देकर लगभग 40 लाख रुपए के सोने एवं चांदी के गहनों को षडयंत्र पूर्वक ठग लिया | पति की मृत्यु से गम में डूबी दीपाली सोनी तसलीमा खान उर्फ पिंकी के झांसे में आ गई , आरोपी महिला तसलीमा खान उर्फ पिंकी ने गहने लेने के बाद दीपाली सोनी को प्रति माह दी जाने वाली तय रकम अनुसार 50 हजार रुपए प्रतिमाह नहीं दिए, उसे हर माह कभी 3000 कभी 5000 कभी 7000 रुपए देकर टालती रही | तसलीमा खान उर्फ पिंकी नामक आरोपी महिला ने एक प्रकार से 40 लख रुपए की ठगी दीपाली सोनी से की और इस ठगी में तस्लीमा के साथ साहिल खान, राहिल खान, संगीता यादव, संकलेचा ज्वेलर्स के राजकुमार संकलेचा, घेवर संकलेचा और संजय संकलेचा भी शामिल थे | इन सभी ने मिलकर आपस में गहनों की बंदर बांट कर ली और पीड़ित विधवा महिला दीपाली सोनी अपने ही गहनों से हाथ धोकर तंगी में गुजारा करती रही | अपनी दो बेटियों एवं एक पुत्र के साथ घर चलाने में तंगी आने पर दीपाली सोनी ने तसलीमा से गहने वापस मांगे तो वह टाल मटोल करती रही उसने ना ही गहने दिए और ना ही तय अनुसार हर माह 50 हजार रुपए दिए | थक हारकर विधवा दीपाली सोनी पुलिस की शरण में गई परंतु पुलिस ने भी जुर्म दर्ज नहीं किया एवं बयान की कार्रवाई कर मामले को समाप्त करने कहा| अनुनय विनय करते पुलिस थाने के बार-बार चक्कर लगाने के बाद कोई कार्रवाई न होते देख परेशान होकर दीपाली सोनी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जहां उसने अपने साथ आप बीती की पूरी जानकारी देकर अपने एवं अपने बच्चों के भविष्य के लिए 40 लाख रुपए के गहने दिलवा कर आरोपियों पर जुर्म दर्ज कर कार्रवाई की गुहार लगाई | आवेदिका की अर्जी एवं उनके द्वारा प्रस्तुत प्रमाणों उनके अधिवक्ता के तर्कों पर माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धमतरी द्वारा पुलिस को धारा 420 एवं 406 के तहत जुर्म दर्ज करने के निर्देश दिए तब कहीं जाकर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया | अब सवाल यह उठता है कि जब पीड़ित विधवा महिला दीपाली सोनी लगातार सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी सहित पुलिस के उच्च अधिकारियों को प्रमाण प्रस्तुत कर गहने दिलवाने और आरोपियों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर उचित कार्यवाही की लिखित मांग करती रही तब पुलिस ने जुर्म दर्ज क्यों नहीं किया ? जबकि उन्हीं सब तथ्यों, बयानों और सबूत को पर्याप्त मानकर माननीय न्यायालय ने सभी सातों आरोपियों के खिलाफ जुर्म दर्ज करने के निर्देश दिए ऐसे में पुलिस अधिकारियों पर अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही के लिए उंगली उठना स्वाभाविक है |




<p>मामले का विस्तृत विवरण</p>
<p><br />मैं थाना सिटी कोतवाली धमतरी में सउनि के पद पर पदस्थ हूं कि माननीय न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धमतरी (छ.ग.) द्वारा आवेदिका दीपाली सोनी पति स्व० स्व. दुर्गेश सोनी, आयु लगभग 36 वर्ष निवासी महिमा सागर वार्ड, गवर्नमेंट स्कूल के पीछे, धमतरी द्वारा परिवाद पत्र अंतर्गत धारा 156 (3) दं०प्र०स० प्रस्तुत दाण्डिक प्रकरण, CNR CG DH020013552023, FN- 1245/23 विचारण पश्चात थाना सिटी कोतवाली धमतरी जिला धमतरी को आवेदिका की ओर से प्रस्तुत आवेदन पत्र पर अनावेदकगण/ अभियुक्तगण तस्लीमा खान अन्य के विरुध्द धोखाधडी एवं अमानत में खयानत के संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया जाकर आवश्यक जांच अन्वेषण पश्चात अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देशन संबंधी आर्डरसीट मय प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अपराध धारा 420, 406 भादवि पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया नकल प्रतिवेदन जैल है समक्ष न्यायालय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, धमतरी (छ.ग.)
*आरोपी*

1) तस्लीमा खान उर्फ पिंकी (2) साहिल खान (3) राहिल खान तीनों निवासी रिसाई पा 3/7 धमतरी (छ.ग.), (4) संगीता यादव पति श्याम यादव, रिसाई पारा धमतरी जिला धमतरी (छ.ग.), (5) राजकुमार संकलेचा (6) घेवर संकलेचा (7) संजय संकलेचा, संचालक संकलेचा ज्वेलर्स, सदर बाजार, धमतरी जिला धमतरी (छ. ग.)…. आरोपीगण, शिकायत अंतर्गत धारा 156 (3) द.प्र.सं. 1973,

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