खनिज राजस्व में अब तक 30 गुना की वृद्धि 13000 करोड़ रुपये के खनिज राजस्व की प्राप्ति
रायुपर :- खनिज राजस्व में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। राज्यस्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल की 23वीं बैठक शुक्रवार को इंद्रावती भवन में आयोजित की गई। बैठक में भौमिकी तथा खनिकर्म छत्तीसगढ़ द्वारा क्षेत्रीय सत्र 2022- 23 में किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2022-23 में लगभग 13000 करोड़ रुपये के खनिज राजस्व की प्राप्ति हुई है, जो राज्य स्थापना वर्ष की तुलना लगभग 30 गुना अधिक है। वर्ष 2022-23 में कुल 2.45 बिलियन टन चूना पत्थर एवं लौह अयस्क के 125 मिलियन टन भंडार आकलित किए गए हैं।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023-24 में प्रदेश में 12 विभिन्न
राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल की 23वीं बैठक के दौरान मौजूद अधिकारी। • खनिज विभ
खनिजों की कुल 45 परियोजना अन्वेषण तथा पूर्वेक्षण कार्य प्रस्तावित है, जिसमें आयरन ओर के 20, फास्फोराइट के चार, चूना पत्थर के चार, गोल्ड के चार, ग्लुकोनाइट के तीन, ग्रेफाइट के दो, डायमंड के दो, आरईई के दो, टंगस्टनं के एक, लिथियम के एक, बाक्साइट के एक तथा बेसमेटल एक अन्वेषण-पूर्वेक्षण परियोजनाएं सम्मिलित हैं।
वर्ष 2022-23 में 13,000 करोड़ का खनिज राजस्व प्राप्त हुवा है
• खनिजों की 45 योजना अन्वेषण और पूर्वेक्षण कार्य प्रस्तावित
राज्य के जीएसटीडी में 11 प्रतिशत योगदान
अधिकारियों के मुताबिक राज्य के जीएसडीपी में प्रदेश के खनिज संसाधन 11 प्रतिशत से अधिक की भागीदारी रखते हुए वार्षिक तौर पर लगभग 13 हजार करोड़ का खनिज राजस्व देते हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश के यूनिक जियोलाजिकल सेटअप अनुसार यहां लौह अयस्क, कोयला, डोलोमाइट, चूनापत्थर, बाक्साइट आदि बल्क मिनरल्स के अलावा बहुमूल्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण खनिजों यथा ग्लूकोनाईट, ग्रेफाइट, निकल, क्रोमियम एवं पीजी की उपलब्धता प्रमाणित की गई है।

