डॉ.सुनील किरण राष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा की झोलाछाप डाक्टरों में से एक
ग्राम मुनुन्द में फर्जी तरीके से क्लीनिक संचालित करने वाले वेद राम यादव घटना सामने आया है
जांजगीर में झोलाछाप डॉक्टर्स का आतंक.
: छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले के अकलतरा और नवागढ़ ब्लॉक व ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ सी आई हुई है. हर पांच किलोमीटर की दूरी पर एक झोलाछाप डॉक्टर तामझाम के साथ क्लीनिक संचालित कर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. ऐसे कई मामले पूर्व में सामने आ चुके है. इतना ही नहीं ग्रामीणों व जागरूक जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर कोई कार्रवाई न होने से अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं.
स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों के संरक्षण में झोलाछाप डॉक्टर हर गांवों में अपना अड्डा बना चुके है जांजगीर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे डॉक्टर खुद की क्लीनिक खोल डॉक्टर बनकर गंभीर बीमारियों का इलाज करने लगे है, जबकि इनके पास न तो संबंधित योग्यता है और न ही उपचार संबंधी लाइसेंस है ब्लॉक अकलतरा ज्यादातर पंचायत में भी झोलाछाप डॉक्टर के बोलबाला है साथ ही साथ नवागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अंतर्गत आने वाले अनेक गांव के झोलाछाप डॉक्टर लम्बे समय से सस्ती दवाई दिलाने के नाम पर गरीबों का इलाज कर रहे हैं, कई बार तो मामला गंभीर हो जाता है. जिसमें मरीजों को गंभीर हालत में जांजगीर के शासकीय एवं निजी हॉस्पिटल में भर्ती किया जाता है. इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत के कारण उस पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जाती है.
मुनुंद मे मेडिकल के आड़ में क्लीनिक चला रहे झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ स्वाति सिंह एवं स्वास्थ्य विभाग की डॉक्टर के संयुक्त टीम के द्वारा छापेमारी की जाएगी. जहां झोलाछाप को क्लिनिक संचालन करते और जीवन रक्षक औषधियो का दुरुपयोग करते पाया गया था. प्रतिबंधित गर्भपात की दवा, बीपी शुगर की दवा एवं सामान्य बीमारियों की दवा भारी मात्रा में जब्त की गई है. स्वास्थ अमले के द्वारा पंचनामा कर कार्यवाही की बात कही गई थी.
गुप्तसूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार कई जीवन रक्षक दवाइयांस्थानीय शिकायतकर्ता हेमंत पैगवार ने बताया कि इस डॉक्टर के द्वारा एक्सपायरी दवाई एवं गलत दवाइयों को दिया जाता है और भोले भाले हम ग्रामीणों से अधिक पैसे लिया जाता है.ज्यादातर दवाएं मौसमी बिमारी के साथ सामान्य रोगों के उपचार के लिए उपयोगी है. इस तरह की जीवनरक्षक दवाओं का झोलाछाप डॉक्टर के पास मिलना खतरनाक साबित हो सकता है.
झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रशासन द्वारा संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की जाती है. परंतु आज तक ब्लॉक नवागढ़ क्षेत्र के किसी भी फर्जी डॉक्टर के विरुद्ध संयुक्त टीम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि इस टीम में स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग की टीम गठित कर जांच की जाती है. आज तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई कार्रवाई समझ से परे है.
जांजगीर में झोलाछाप डॉक्टर्स का आतंक.
: छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले के अकलतरा और नवागढ़ ब्लॉक व ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ सी आई हुई है. हर पांच किलोमीटर की दूरी पर एक झोलाछाप डॉक्टर तामझाम के साथ क्लीनिक संचालित कर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. ऐसे कई मामले पूर्व में सामने आ चुके है. इतना ही नहीं ग्रामीणों व जागरूक जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर कोई कार्रवाई न होने से अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं.
स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों के संरक्षण में झोलाछाप डॉक्टर हर गांवों में अपना अड्डा बना चुके है जांजगीर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे डॉक्टर खुद की क्लीनिक खोल डॉक्टर बनकर गंभीर बीमारियों का इलाज करने लगे है, जबकि इनके पास न तो संबंधित योग्यता है और न ही उपचार संबंधी लाइसेंस है ब्लॉक अकलतरा ज्यादातर पंचायत में भी झोलाछाप डॉक्टर के बोलबाला है साथ ही साथ नवागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अंतर्गत आने वाले अनेक गांव के झोलाछाप डॉक्टर लम्बे समय से सस्ती दवाई दिलाने के नाम पर गरीबों का इलाज कर रहे हैं, कई बार तो मामला गंभीर हो जाता है. जिसमें मरीजों को गंभीर हालत में जांजगीर के शासकीय एवं निजी हॉस्पिटल में भर्ती किया जाता है. इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत के कारण उस पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जाती है.
मुनुंद मे मेडिकल के आड़ में क्लीनिक चला रहे झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ स्वाति सिंह एवं स्वास्थ्य विभाग की डॉक्टर के संयुक्त टीम के द्वारा छापेमारी की जाएगी. जहां झोलाछाप को क्लिनिक संचालन करते और जीवन रक्षक औषधियो का दुरुपयोग करते पाया गया था. प्रतिबंधित गर्भपात की दवा, बीपी शुगर की दवा एवं सामान्य बीमारियों की दवा भारी मात्रा में जब्त की गई है. स्वास्थ अमले के द्वारा पंचनामा कर कार्यवाही की बात कही गई थी.
गुप्तसूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार कई जीवन रक्षक दवाइयांस्थानीय शिकायतकर्ता हेमंत पैगवार ने बताया कि इस डॉक्टर के द्वारा एक्सपायरी दवाई एवं गलत दवाइयों को दिया जाता है और भोले भाले हम ग्रामीणों से अधिक पैसे लिया जाता है.ज्यादातर दवाएं मौसमी बिमारी के साथ सामान्य रोगों के उपचार के लिए उपयोगी है. इस तरह की जीवनरक्षक दवाओं का झोलाछाप डॉक्टर के पास मिलना खतरनाक साबित हो सकता है.
झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रशासन द्वारा संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की जाती है. परंतु आज तक ब्लॉक नवागढ़ क्षेत्र के किसी भी फर्जी डॉक्टर के विरुद्ध संयुक्त टीम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि इस टीम में स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग की टीम गठित कर जांच की जाती है. आज तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई कार्रवाई समझ से परे है.

