*झूठे वादों का खजाना है भाजपा की नाकामी सरकार,जो देवियों के इज्जत पे कोई ठोस कदम नहीं उठा पाए वो देश को नीलामी करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ेंगे:स्वामीनाथ जायसवाल*
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दावा करती थी कि जब वह सत्ता में होती है तो कोई सांप्रदायिक दंगे नहीं होते। भाजपा द्वारा संचालित मणिपुर और हरियाणा में सांप्रदायिक दंगों से इस खोखले दावे की सच्चाई और खोखलापन उजागर हो गया है।
*सरकार बदलाव नहीं किए,तो जल्द ही बिक जायेगा भारत**मगर मैं वादा करता हूं हम लड़ेंगे और फिर से इतिहास दोहराएंगे**भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस फेडरेशन जल्द ही नए योजनाओं के साथ 2023 में सरकार बदलाव करने में अहम योगदान निभायेगी*
मणिपुर में, जो हिंसा का दौर चला, कई लोगों को अपना जीवन खोना पड़ा, मां-बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ। मणिपुर में 3 मई को बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी थी, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के कई निवासियों की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। क्या यही हमारी स्वतंत्रता है? क्या यही राम राज्य है?मणिपुर में जहां पिछले तीन महीने से संघर्ष जारी है, वहीं हरियाणा में कुछ दिनों पहले दो गुटों के बीच हिंसा भड़क उठी थी और वह अब तक जारी है। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के जुलूस को रोकने की कोशिश को लेकर हरियाणा के नूंह में हुई झड़प और पिछले दो दिनों में गुरुग्राम तक फैली हिंसा में दो होम गार्ड और एक मौलवी समेत छह लोगों की मौत हो गई है।मणिपुर की राज्यपाल एक महिला हैं और वहां महिलाओं पर अत्याचार हुआ है, राज्य सरकार की ओर से कुछ नहीं हो रहा है। कहां है डबल इंजन? वहां सरकार क्या कर रही है?मैं स्वामीनाथ जायसवाल भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस फेडरेशन का नेतृत्व करते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से यह पूछना चाहूंगा कि क्या आप के माध्यम से ऐसे ही ‘‘अच्छे दिन’’ का वादा किया गया था। अभी कुछ दिन पहले ही मुंबई के बाहरी इलाके में पालघर स्टेशन के समीप रेलवे सुरक्षा बल के कांस्टेबल चेतन सिंह (33) ने अपने वरिष्ठ अधिकारी सहायक उप-निरीक्षक टीकाराम मीणा तथा तीन अन्य यात्रियों – अब्दुल कादरभाई मोहम्मद हुसैन भानपुरवाला (58), असगर अब्बास शेख (48) और सैयद एस (43) की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी इस कांस्टेबल ने धर्म के आधार पर लोगों को निशाना बनाया था। ऐसी घटनाओं के लिए भारतीय जनता पार्टी की नफरत की राजनीति जिम्मेदार है। मणिपुर और हरियाणा में इस तरह की हिंसा का लगातार बिना रोक-टोक के बढ़ते रहना भारतीय जनता पार्टी की सरकार की कुप्रशासन को दर्शाता है और इसकी विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है।

