अयान न्यूज असीम पाल
दंतेवाड़ा
*सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग क्षेत्र में युवाओं के सपनों को साकार करने आये है छू-लो आसमान कैंपस के पूर्व छात्र**नवा गुरुकुल के माध्यम से ग्रामीण बच्चों के संवारेंगे भविष्य* दंतेवाड़ा, 19 जून 2023। हम कह सकते हैं कि किसी भी क्षेत्र का विकास युवाओं पर निर्भर करता है उस क्षेत्र की तरक्की का आधार युवा पीढ़ी होती है, यूं तो प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते है लेकिन यदि छात्र जीवन का समय का सही उपयोग किया जाए तो मंजिल मिलने में देर नहीं लगती इसका परिणाम हमेशा कुछ नया कर गुजरने की इच्छा से भरा होता है जिला प्रशासन द्वारा स्थापित एवं संचालित ’’छू-लो नया आसमान’’ कैंपस अपने नाम को सार्थक करते हुए दक्षिण बस्तर के युवाओं के लिए एक ऐसा आसमान उपलब्ध करा रहा है। जहां से वे अपने मनचाही उड़ान उड़ रहें है। गौरतलब है कि ’’छू-लो आसमान’’ कैंपस के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाशाली युवाओं को पीईटी, पीएमटी, आईआईटी, जेईई जैसी प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जाती है और वर्तमान में इस कैंपस के माध्यम से निकले सैकड़ों छात्र देश विदेश की विभिन्न शासकीय अशासकीय, निजी फर्मो, तकनीकी संस्थानों में अपनी सेवायें दे रहें है, जो इस क्षेत्र के लिए निश्चित ही गौरव का विषय है। इनमें से कई छात्र ऐसे भी हुए जो देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने के उपरांत भी अपने क्षेत्र के युवाओं के सुनहरे भविष्य गढ़ने की अनुकरणीय चाह रखते है। अपने क्षेत्र के विकास और ग्रामीण बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने की पवित्र अभिलाषा इन पूर्व छात्रों को वापस अपनी कर्मभूमि में खींच लाई, अब ये छात्र अपने अर्जित ज्ञान और अनुभव का लाभ दूरस्थ क्षेत्र के प्रतिभाशाली छात्रों को भी देने के लिए उत्साहित है इनका मानना है कि जिस क्षेत्र समाज के सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें मुकाम तक पहुंचाया है। उसे उऋण तो नहीं हुआ जा सकता परंतु बदले में उसके प्रतिदान स्वरूप आने वाली पीढ़ी को शिक्षा के प्रति जागरूक करना हमारा उद्देश्य है। ताकि इस क्षेत्र के प्रतिभाशाली छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करके देश विदेश में परिवार, गांव का नाम रोशन करें। इस प्रकार यह परंपरा लगातार जारी रहनी चाहिए। इस क्रम में छू-लो आसमान कैंपस के 5 भूतपूर्व छात्र/छात्राएं निकेश ध्रुव, गायत्री ध्रुव, हेमंत देवर, चंद्रकला ठाकुर, जसवंत सोढ़ी ने नवगुरुकुल एनजीओ के माध्यम से इस सराहनीय कार्य का बीड़ा उठाया है। इनमें से बीजापुर जिले के निवासी श्री निकेश ध्रुव 2015 बैच के है जिन्होंने एनआईटी कर्नाटक से बीटेक किया हुआ है। इस प्रकार सुश्री गायत्री ध्रुव एवं सुश्री चंद्रकला क्रमशः बीजापुर एवं बालोद जिले के निवासी है जो 2018 कैंपस से पासआउट है जिसमें सुश्री गायत्री ने एनएसआईटी दिल्ली तथा सुश्री चंद्रकला ने एनआईटी कोलकात्ता से बीटेक किया हुआ है। जबकि श्री हेमंत देवार एवं श्री जशवंत सोढ़ी भी 2015 बैच के है जिसमें श्री हेमंत ने आरसीईटी भिलाई से बीटेक करके बायजूस कंपनी में भूतपूर्व रूरल एन्ट्रर प्रेन्टेन्योर बतौर कार्य कर चुके है और श्री जसवंत स्थानीय कन्ट्रक्शन कंपनी में मेनेजर के रूप में कार्य किया हुआ है। इनमें से निकेश ने यह भी बताया कि वे गैल (गैस आथॉरिटी इंडिया लिमिटेड)सार्वजनिक उपक्रम में भी कार्य कर चुके हैं। स्थानीय युवाओं को वर्तमान एवं आधुनिक शैक्षणिक कैरियर के साथ ही अन्य गैर पेशेवर डिग्री से परिचित एवं मार्गदर्शन कराने के लिए उत्सुक इन युवाओं का यह मानना है कि इस क्षेत्र के समस्त समस्याओं एवं विषमताओं का एकमात्र समाधान केवल शिक्षा है। वर्तमान दौर के रूझान अनुरूप शिक्षा एवं मार्गदर्शन दिए जाने से युवाओं को कौशलों के महत्व का पता एवं भविष्य में कैरियर स्थापित करने में मददगार साबित होगा। नवगुरुकुल का केवल यही उद्देश्य है और इसमें कलेक्टर श्री विनीत नंदनवार के मार्गदर्शन में पूरे जिला प्रशासन द्वारा सहयोग दिया जा रहा है। कुल मिलाकर शिक्षा की अलख जगाने पहुंचे ये भूतपूर्व छात्रों का यह प्रयास सराहनीय है और उम्मीद है कि स्थानीय छात्र भी उनसे प्रेरणा लेकर अपना भविष्य संवारेंगे।
असीम पाल ब्यूरोदंतेवाड़ा
*सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग क्षेत्र में युवाओं के सपनों को साकार करने आये है छू-लो आसमान कैंपस के पूर्व छात्र**नवा गुरुकुल के माध्यम से ग्रामीण बच्चों के संवारेंगे भविष्य* दंतेवाड़ा, 19 जून 2023। हम कह सकते हैं कि किसी भी क्षेत्र का विकास युवाओं पर निर्भर करता है उस क्षेत्र की तरक्की का आधार युवा पीढ़ी होती है, यूं तो प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते है लेकिन यदि छात्र जीवन का समय का सही उपयोग किया जाए तो मंजिल मिलने में देर नहीं लगती इसका परिणाम हमेशा कुछ नया कर गुजरने की इच्छा से भरा होता है जिला प्रशासन द्वारा स्थापित एवं संचालित ’’छू-लो नया आसमान’’ कैंपस अपने नाम को सार्थक करते हुए दक्षिण बस्तर के युवाओं के लिए एक ऐसा आसमान उपलब्ध करा रहा है। जहां से वे अपने मनचाही उड़ान उड़ रहें है। गौरतलब है कि ’’छू-लो आसमान’’ कैंपस के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाशाली युवाओं को पीईटी, पीएमटी, आईआईटी, जेईई जैसी प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जाती है और वर्तमान में इस कैंपस के माध्यम से निकले सैकड़ों छात्र देश विदेश की विभिन्न शासकीय अशासकीय, निजी फर्मो, तकनीकी संस्थानों में अपनी सेवायें दे रहें है, जो इस क्षेत्र के लिए निश्चित ही गौरव का विषय है। इनमें से कई छात्र ऐसे भी हुए जो देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने के उपरांत भी अपने क्षेत्र के युवाओं के सुनहरे भविष्य गढ़ने की अनुकरणीय चाह रखते है। अपने क्षेत्र के विकास और ग्रामीण बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने की पवित्र अभिलाषा इन पूर्व छात्रों को वापस अपनी कर्मभूमि में खींच लाई, अब ये छात्र अपने अर्जित ज्ञान और अनुभव का लाभ दूरस्थ क्षेत्र के प्रतिभाशाली छात्रों को भी देने के लिए उत्साहित है इनका मानना है कि जिस क्षेत्र समाज के सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें मुकाम तक पहुंचाया है। उसे उऋण तो नहीं हुआ जा सकता परंतु बदले में उसके प्रतिदान स्वरूप आने वाली पीढ़ी को शिक्षा के प्रति जागरूक करना हमारा उद्देश्य है। ताकि इस क्षेत्र के प्रतिभाशाली छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करके देश विदेश में परिवार, गांव का नाम रोशन करें। इस प्रकार यह परंपरा लगातार जारी रहनी चाहिए। इस क्रम में छू-लो आसमान कैंपस के 5 भूतपूर्व छात्र/छात्राएं निकेश ध्रुव, गायत्री ध्रुव, हेमंत देवर, चंद्रकला ठाकुर, जसवंत सोढ़ी ने नवगुरुकुल एनजीओ के माध्यम से इस सराहनीय कार्य का बीड़ा उठाया है। इनमें से बीजापुर जिले के निवासी श्री निकेश ध्रुव 2015 बैच के है जिन्होंने एनआईटी कर्नाटक से बीटेक किया हुआ है। इस प्रकार सुश्री गायत्री ध्रुव एवं सुश्री चंद्रकला क्रमशः बीजापुर एवं बालोद जिले के निवासी है जो 2018 कैंपस से पासआउट है जिसमें सुश्री गायत्री ने एनएसआईटी दिल्ली तथा सुश्री चंद्रकला ने एनआईटी कोलकात्ता से बीटेक किया हुआ है। जबकि श्री हेमंत देवार एवं श्री जशवंत सोढ़ी भी 2015 बैच के है जिसमें श्री हेमंत ने आरसीईटी भिलाई से बीटेक करके बायजूस कंपनी में भूतपूर्व रूरल एन्ट्रर प्रेन्टेन्योर बतौर कार्य कर चुके है और श्री जसवंत स्थानीय कन्ट्रक्शन कंपनी में मेनेजर के रूप में कार्य किया हुआ है। इनमें से निकेश ने यह भी बताया कि वे गैल (गैस आथॉरिटी इंडिया लिमिटेड)सार्वजनिक उपक्रम में भी कार्य कर चुके हैं। स्थानीय युवाओं को वर्तमान एवं आधुनिक शैक्षणिक कैरियर के साथ ही अन्य गैर पेशेवर डिग्री से परिचित एवं मार्गदर्शन कराने के लिए उत्सुक इन युवाओं का यह मानना है कि इस क्षेत्र के समस्त समस्याओं एवं विषमताओं का एकमात्र समाधान केवल शिक्षा है। वर्तमान दौर के रूझान अनुरूप शिक्षा एवं मार्गदर्शन दिए जाने से युवाओं को कौशलों के महत्व का पता एवं भविष्य में कैरियर स्थापित करने में मददगार साबित होगा। नवगुरुकुल का केवल यही उद्देश्य है और इसमें कलेक्टर श्री विनीत नंदनवार के मार्गदर्शन में पूरे जिला प्रशासन द्वारा सहयोग दिया जा रहा है। कुल मिलाकर शिक्षा की अलख जगाने पहुंचे ये भूतपूर्व छात्रों का यह प्रयास सराहनीय है और उम्मीद है कि स्थानीय छात्र भी उनसे प्रेरणा लेकर अपना भविष्य संवारेंगे।
असीम पाल ब्यूरोदंतेवाड़ा

