अयान न्यूज मनीष पाल की रिपोर्ट। पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ, पंडित भया न कोय, ढाई आख़र प्रेम का पढ़े सो पंडित होये – राजेन्द्र शुक्ला।
दगौरी – बिल्हा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहभट्ठा मे समाज सुधारक, महान संत कबीरदास जी की 646 वा प्राकट्य दिवस पनिका समाज के द्वारा मनाया गया, 3 दिवसीय संत समागम, कबीर अमृतवाणी, चौका आरती व प्रवचन कार्यक्रम मे शामिल हुए कृषि उपज मंडी समिति अध्यक्ष बिलासपुर व क्षेत्रीय छाया विधायक राजेन्द्र शुक्ला ने पूजन अर्चन कर उपस्थित पनिका समाज के माताए बहनो सहित सभी युवा वर्ग को बधाई देते हुए बोले कबीर साहब एक ऐसे संत थे जिन्होंने हमेशा प्रेम की अमृतवाणी का बखान करते हुए समाज मे सभ्य व एकजुटता से रहने की संदेश दिये, कबीरदास जी 15 वीं सदी के भारतीय रहस्यवादी कवि और संत थे। वे हिन्दी साहित्य के भक्तिकाल के निर्गुण शाखा के ज्ञानमर्गी के महानतम कवि है, इनकी रचनाओं ने हिन्दी प्रदेश के भक्ति आंदोलन को गहरे स्तर तक प्रभावित किया, उनकी रचनाएँ सिक्खों के आदि ग्रंथ में सम्मिलित की गयी हैं,कबीरदास साहेब मूर्तिपूजा के खिलाफ थे लेकिन उनके हर दोहे पर प्रभु श्रीरामचंद्र जी की नाम का व्याख्या जरूर होती थी। श्री शुक्ला जी ने *पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय, ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय।* दोहे को अर्थ सहित समझाये की बड़ी-बड़ी पुस्तकें पढ़ कर संसार में कितने ही लोग मृत्यु के द्वार पहुंच गए, पर सभी विद्वान न हो सके, कबीर साहेब मानते थे कि यदि कोई प्रेम या प्यार के केवल ढाई अक्षर ही अच्छी तरह पढ़ ले, तो वही सच्चा ज्ञानी होता है कहते हुए पुनः सभी को बधाई दिये व भगवान स्वयं – भु महादेव का दर्शन लाभ लिए, तत्पश्चात पनिका समाज के द्वारा शुक्ला सहित अन्य अतिथियों को श्रीफल, शॉल व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किये, उक्त कार्यक्रम मे शुक्ला के साथ नगर पंचायत बोदरी अध्यक्ष परदेशी ध्रुवंशी, मुन्ना कौशिक, सहित समाज से जिला अध्यक्ष लीलादास महंत, बिल्हा ब्लॉक अध्यक्ष सरभुदास मानिकपुरी, उपाध्यक्ष प्रमोद मानिकपुरी, लखनदास मानिकपुरी, सचिव अनिल कुलदीप, कोषाध्यक्ष विश्वनाथ मानिकपुरी, सामाजिक न्यायधीश मंगलदास मानिकपुरी, कार्यक्रम अध्यक्ष अशोक मानिकपुरी सहित भारी संख्या मे समाज के माताए बहने व युवा – वरिष्ठजन उपस्थित रहे।

