आजाद भारत में चित्तौड़गढ़ जिला बना दलित उत्पीड़न का केन्द्र प्रशासन सोया हुआ निर्मल देसाई उपाध्यक्ष डॉ अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी चित्तौड़गढ़

आजाद भारत में चित्तौड़गढ़ जिला बना दलित उत्पीड़न का केन्द्र प्रशासन सोया हुआ
चित्तौड़गढ़ 30 मई। भारतीय दलित साहित्य अकादमी के पदाधिकारियों किया सारंगपुरा का दौरा कर स्थिति का लिया जायजा। सारंगपुरा में अभी भी भय ओर असुरक्षा क माहौल बना हुआ है। भारतीय दलित साहित्य अकादमी ने पुलिस प्रसाशन को सूचना देकर अम्बेडकर विचार मंच के संस्थापक छगन लाल चावला के नेतृत्व में किशन लाल खटीक जिला उपाध्यक्ष बामसेफ, भारतीय दलित साहित्य अकादमी के जिलाध्यक्ष मदन ओजस्वी, डॉ अम्बेडकर मेमोरियल वेल्फेयर सोसायटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष निर्मल देसाई, शंकर लाल मेघवाल , प्रहलाद जटिया ने सारंगपुरा में जटिया समाज के पीड़ित परिवार से मुलाकात की पीड़ित परिवारो ने वर्तमान समय कीअपनी व्यथा बताई। परिवार के सदस्यों प्रकाश जटिया जो दूल्हा बना , कंवर लाल जटिया ने कहा गांव में अभी भी सौहार्द का माहौल नही हैं दबंगों से है परिवार को खतरा बना हुआ है चितोडगढ जिले के मॅगलवाड थाना क्षेत्र के सांरगपुरा गांव में दलित दूल्हे के विवाह कार्यक्रम के दोरान गांव के जाति विशेष के लोगों द्वारा दलित परिवार के साथ मारपीट करने तथा , जातिगत गाली गलौज कर अपमानित करने की घटना पर जिला कलेक्ट्रेट चितोडगढ पर धरना दिया जाकर जिला कलेक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक चितोडगढ को विभिन्न संगठनो के साथबड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओ , पुरूषो ,युवाओ द्वारा ज्ञापन देकर न्याय की मांग करते हूऐ दोषी लोगों के विरूद्ध कार्यवाही तथा गांव में सामाजिक बहिष्कार करने की घटना को लेकर अवगत कराया गया था। लेकिन वर्तमान में दलित भारतीय दलित साहित्य अकादमी के तत्वाधान में सारंगपुरा अकादमी जिला अध्यक्ष मदन सालवी ओजस्वी, सॅरक्षक निर्मल देसाई, अम्बेडकर विचार मॅच के संस्थापक सॅरक्षक छगन लाल चावला तथा चिकारडा से किशन लाल खटीक आदि ने सारंगपुरा पहूंचकर पीड़ित परिवारो से मुलाकात करते हूऐ जानकारी के दोरान पाया गया कि पीडीत परिवार में अभी भी भय, दबंगों से खतरा महसूस करते हूऐ, असुरक्षा के माहौल में जी रहे है। सांय छ बजे बाद घर से बाहर निकलने में खतरा महसूस करते है। पुलिस प्रशासन के सहयोग का अभाव है। डी जे वाले के साथ दबाव बनाकर पीड़ित परिवार को प्रताड़ित अभी भी किया जा रहा है। राजनैतिक पहूंच ओर दबंगई से पीड़ितपरिवार दबे, सहमे हुए हूऐ है। पीड़ित परिवारों ने बताया कि हम असुरक्षित है तथा जान-माल का खतरा हर वक्त बना हूआ हैं अपने को उंचा ओर दलित वर्ग को नीचा समझने की अभी भी नफरत की मानसिकता से ग्रस्त होकर प्रताडित व गुलाम बनाए रखने जैसी मानसिकता हावी है। स्थानीय पीड़ित परिवारों ने समय समय पर पुलिस गस्त कराने तथा सामाजिक माहोल, पुन सौहार्द पूर्ण बने इसके लिए प्रयास करने कराने के लिए किसी एन जी ओ संस्थान को अधिकृत कराकर समय के साथ मानसिक बदलाव लाने जन जागरूकता बढाने , तथा अन्याय अपराध की निस्पक्ष जांच व कारवाई की जरूरत होना बताया है।वर्तमान समय की विडम्बना हैं आजादी के इतने सालों के बाद किसी दलित हिंदू परिवार ने सारंगपुरा में बिन्दोली निकालने की हिम्मत की। दबंगो को नागवार गुजरा एवं पुलिस पूरी तरह से पीड़ित परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर मामले को रफा दफा करना चाहती हैं पूरा अनुसूचित जाति ,जनजाति वर्ग इस बात से उद्वेलित हैं परिवार एवं जटिया समाज किशन जटिया,डाल चन्द कैलाश जटिया, नारायण जटिया, विष्णु जटिया, भेरू जटिया, प्रहलाद जटिया, कालू लाल,किशन लाल,चम्पा जटिया, गंगा जटिया, रेखा जटिया, नीलम जटिया, शंकर लाल आदि उपस्थित रहे।
निर्मल देसाईउपाध्यक्षडॉ अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी चित्तौड़गढ़मो.: 6377291848, 9460936160

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