अयान न्यूज मनीष पाल की रिपोर्ट। एनसीपी के प्रवक्ता निलेश विश्वास रहते है, कंफ्यू अपने ही पार्टी के पदाधिकारियो से नही बनती। एनसीपी ने एक निजी हाटल मे सदस्यता अभियान रखा जिसमे पच्चास लोगो ने सदस्यता तो ली लेकिन जब मजा तब आया जब पत्रकारो के सवालो मे उलझकर रह गए। जब वो जवाब दे रहे थे तो उन्ही के पदाधिकारी ने उनकी बातो को टोक कर अपनी बात कहने लगे तो निलेश विश्वास अपनी बात रखने लगे एनसीपी के इस कार्यक्रम मे आपसी मतभेद नजर आया तो ऐसे मे पहले अपने आपको बिलासपुर का विधायक मान लेने वाले इनका गुस्सा हमेशा इनके नाक पर रहता है निलेश विश्वास को तो बात करने का तरीका ही नही मालूम किस व्यक्ति से कैसे बात किया जाता है। आखिर कैसे निलेश विश्वास को एनसीपी अपना विधायक प्रत्याशी मान रही इनका तो मतलब भी नही है कहा जाये तो एनसीपी मे अंधो मे काना राजा जो हमेशा अपनी ही बातो को सही मानता है यहा तक की इनके तो एफबी मे भी यूजर्स तक फालो नही करते तो क्या एनसीपी एक ऐसे कमजोर व्यक्ति को अपना बिलासपुर से विधायक का प्रत्याशी बनायेगी। अभी भी समय है कि एनसीपी अपना प्रवक्ता व प्रत्याशी चेंज कर ले ताकी एनसीपी को फायदा हो नही एनसीपी मे ऐसे लोग रहेंगे तो एनसीपी को हार का सामना करना पड सकता है।
एनसीपी के प्रवक्ता निलेश विश्वास रहते है, कंफ्यू अपने ही पार्टी के पदाधिकारियो से नही बनती।

