न्ययाधानी मे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता निलेश विश्वास ने पत्रकारो से की अपमान जनक बातें

अयान न्यूज मनीष पाल की रिपोर्ट। न्ययाधानी मे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता निलेश विश्वास ने पत्रकारो से की अपमान जनक बातें । एनसीपी की प्रेस वार्ता में के बाद बाहर में निलेश विश्वास के आरोपों का उपस्थित पत्रकारों ने किया मिलकर विरोध,

ये वही निलेश विश्वास है,जो अपने ही आफिस के प्यून को नही देते है पैसे,एक ऐसा नेता जो खुले आम अपने साथ पिस्टल रखते है। इनकी पिस्टल लायसेंसी है तो क्या खुलेआम लेकर चलेगे। ऐसे छुट भैये नेता है जिन्हे उन्ही के वार्ड के लोग नही पहचानते। नीलेश विश्वास के आरोपों का पत्रकार ने किया खुलकर विरोध और मांगा स्पष्टीकरण।प्रेस वार्ता खत्म होने के बाद प्रेस क्लब के बाहर निलेश विश्वास प्रदेश प्रवक्ता द्वारा एक चर्चित एडवरटाइजमेंट एजेंसी की संचालिका ने लेन-देन की बात को लेकर एनसीपी प्रवक्ता पर आरोप लगाया।उन्होंने बताया कि उनका पेमेंट रोक कर रखा गया है। जिसे देने में लगातार बहाना और कारण दे करके टाला जा रहा था।जिससे काफी परेशान और नाराज होकर गुस्साई महिला ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि निलेश विश्वास के द्वारा बार-बार तारीख देने और विज्ञापन के भुगतान को लेकर घुमाने की बात को लेकर जमकर बहस हुई। नाराज महिला द्वारा खूब खरी-खोटी सुनाई गई। निलेश विश्वास अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जब मैंने लाखों रुपए का भुगतान एडवरटाइजमेंट एजेंसी को कर दिया है तो बाकी भुगतान भी कर दूंगा इसमें मुझे कोई हर्ज नहीं है।एनसीपी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता के सामने यह बहस हुई।सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मूकदर्शक बनकर प्रवक्ता निलेश विश्वास पर लगे आरोपों को देखते और सुनते रहे। निलेश विश्वास ने अपनी बात रखने के दौरान उन्होंने पत्रकारों पर पैसे लेने का आरोप लगाया। कुछ एक सार्वजनिक मंच पर कार्यक्रम के बहाने उन्होंने फंड लेने का आरोप पत्रकारों पर लगाया । जिससे प्रेस क्लब के बाहर खड़े कुछ पत्रकार ने सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए उनके इस बात का स्पष्टीकरण मांगा। वहां उपस्थित पत्रकारों ने और कैमरामैन ने उनसे पूछा कि कब और कितना, किसे पैसा दिए हो? उसका नाम सहित स्पष्टीकरण दीजिए। वही पत्रकारों का गुस्सा और नाराजगी को बढ़ता देखते हुए निलेश विश्वास अपने बातों का रुख बदलते हुए शांत हो गए। पत्रकारों के द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण को टाल गए। कई तरह से बातो से समझाने की नाकाम कोशिश करने लगे पर बात नहीं बनी कुछ देर बाद वहां से जाने में ही उन्होंने बेहतर समझा। निलेश विश्वास जो है अपने पिस्टल के दम पर चुनाव लड़ना चाहते है या शांत छत्तीसगढ को बंगाल बनाना चाहते है। छग एनसीपी के जितने पदाधिकारी नेता है वो निलेश विश्वास के साथ सभी पत्रकारो से मांफी मांगे नही पद से निलेश विश्वास त्यागपत्र दे।

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