बिलासपुर नगर निगम के 22 राशन दुकानों पर रायपुर के नई राजधानी में बैठे खाद्य विभाग के आला अधिकारी जरूरत से ज्यादा मेंहरबानी कर रहे है।इन राशन दुकानों में दो दो तीन तीन नही बल्कि चार महीने का राशन बचे होने रहने के बाद भी दो महीने का चाँवल औऱ भेज दिया गया। आश्चर्य की बात तो ये भी रही कि दुकानदार ने इस चाँवल को पुराना स्टॉक होने के बावजूद ले लिया औऱ जनता को बाट भी दिया। आज की स्थिति में पिछला चाँवल ज्यो का त्यों रखा हुआ है। बिलासपुर के आदर्श उपभोक्ता भंडार के राशन दुकान मे637 नीला औऱ 123गुलाबी राशन कार्ड के लिए 153 क्विंटल औऱ 42 क्विंटल चावल का कोटा बनता है। इस दुकान में में विभाग का वेब साईट बता रहा है कि इस दुकान के पास353 क्विंटल नीला औऱ239 क्विंटल गुलाबी कार्ड का चाँवल पहले से बचा हुआ है जो क्रमशः तीन औऱ पाँच माह का कोटा होता है। विभाग के वेब साइट के अनुसार बिलासपुर के 22 राशन दुकान में11 हजार क्विंटल चावल बचा हुआ है। प्रदेश में ये अपने आप मे बड़ा सुनियोजित चाँवल घोटाला है। बाजार में इस चाँवल की कीमत ढाई करोड़ रुपये है।
जिला पंचायत के सदस्य परमानंद जांगडे ने बताया कि पूरे प्रदेश के 12 हजार राशन दुकान का हिसाब किताब रायपुर मुख्यालय में रखा जाता है। जिस दुकान में पहले का चाँवल बचा रहता है उसको आगे महिने में उतना चाँवल घटा कर दिया जाता है।लेकिन 22 दुकानों में पुराना चाँवल बचे होने के बाद भी फिर से चाँवल देना कालाबाजार को प्रोत्साहित करना है। परमानंद जांगडे ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत जी सहित मुख्य सचिव श्री कुजूर जी को शिकायत कर करोड़ो के चावल घोटाले की जांच खाद्य विभाग छोड़ अन्य विभाग के अधिकारियों से कराने की मांग की है।
परमानंद जांगड़े ने बताया कि खाद्य विभाग के विभागीय बेवसाइट में बिलासपुर के 22 राशन दुकानों के घोषणा पत्र की जांच किये जाने पर पाया गया कि आदर्श उप भंडार में820 क्विंटल बजरंग उप भंडार में805, क्विंटल रामकृष्ण उप भंडार में803 क्विंटल, प्रार्थना उप भंडार में 797 क्विंटल,महामाया उप भंडार में752 क्विंटल, नवोदय उप भंडार में608 क्विंटल,सत्या महिला में580 क्विंटल, भगवती उप भंडार में 569 क्विंटल, गणेश उप भंडार में543 क्विंटल, इंडिया उप भंडार में449 क्विंटल, बिलासा उप भंडार में441 क्विंटल, आदर्श उप भंडार437 क्विंटल, जय भवानी उप भंडार में403 क्विंटल, सतबहिनी उप भंडार में 399 क्विंटल चाँवल पुराने महीनो का कागज में दिखाया जा रहा है ।सच्चाई ये है कि ये चाँवल कालाबाज़ारी के भेंट चढ़ चुका है। परमानंद जांगड़े का कहना है कि शहर की दुकाने बीसो साल पुराने है और इनमे इतना चाँवल रखा ही नही जा सकता है। जांगड़े ने आशंका जताई है कि ये चाँवल नान से दुकानों तक नही पहुँचा है और सुनियोजित ढंग से बड़े अधिकारियों ने करोड़ो का चाँवल बाजार में बिकवा दिया है
बिलासपुर की 22 राशन दुकानों से ढाई करोड़ रु का 11 हज़ार क्विंटल चाँवल गायब!

