*केंद्र सरकार गरीब जनता के लिए यदि 1 रुपये भेजती है तो गरीब जनता तक मात्र 15 पैसे पहुंचते हैं, बाकी के 85 पैसे कांग्रेस इको-सिस्टम के लोग खुद खा जाते हैं रिजवान पटवा छत्तीसगढ़ राज्य उर्दू अकादमी पूर्व उपाध्यक्ष रिजवान पटवा*
35 वर्ष पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने यह बयान देके कांग्रेस के इको-सिस्टम की पोल खोल दी थी, जाहिर है कि उसवक्त देश-प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ही हर जगह थी, इसलिए ये कालिख कांग्रेस के मुँह पर ही पोतने का काम किया था तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने..!
छत्तीसगढ़ में भूपेश-सरकार का भ्रष्टाचार देखें तो राजीव गांधी द्वारा कही गई बात को भूपेश बघेल आज भी सच साबित करने में लगे हुए हैं….गरीबों को बांटने के लिए केंद्र-सरकार हर महीने राशन भेज रही, लेकिन घोटालेबाज भूपेश-सरकार यहां यह राशन खुद डकार जा रही…..घोटाले की परतों को आप स्टेप-बाय-स्टेप समझिए-(1) केंद्र से प्रदेश के खाद्य विभाग को 1.65 लाख मीट्रिक टन चावल प्राप्त हुआ, लेकिन वितरण में जिलों तक 96 हजार मीट्रिक टन चावल ही पहुंचा…..भूपेश सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है कि 69 हजार मीट्रिक टन चावल का यह अंतर क्यों आ रहा है और “600 करोड रुपए” का यह चावल कहां गायब हो गया?
(2) इसके बाद का खेल सहकारी समिति के माध्यम से हुआ, किसी दुकान ने 78 लाख का चावल गायब है तो किसी दुकान से करोड़ों का….यह भ्रष्टाचारी खेल हर जिले में खेला गया है, हर जगह यह खेल खेलने के बाद लीपापोती का दौर चालू है!
(3) इसी तरह एक और घिनौना खेल हुआ है, केंद्र से मिले क्वालिटी-चावल को डकार लिया गया और हितग्राही को अच्छे चावल की जगह “कनकी और कीड़े लगे चावल” को वितरित किया गया….इस भ्रष्टाचारी-खेल की गणना भी सभी जिलों में की जाए तो यह घोटाला भी करोड़ो-अरबों रुपियों का है!
भूपेश सरकार के ये सभी कृत्य कलंकित करने वाले हैं,गरीबों से निवाला छीनने के महापाप के भागीदार साबित हुए हैं भूपेश बघेल…..भूपेश से मुक्ति बिना गरीब का अंत्योदय संभव नहीं..!! भाग रे भूपेश भाग आग लगी है आग 🙏🏾🙏🏾🙏🏾 आपका अपना रिजवान पटवा

