अयान न्यूज भांसी दंतेवाड़ा से
असीम पाल कि रिपोर्ट
पन्द्रह साल के शासन के बाद जनता में विश्वास खो चुकी भाजपा को कांग्रेस में अधिक दिलचस्पी*
सरपंचों और जनता को बरगलाने का साहस किसी मे नही – अजय मरकाम*
*दंतेवाड़ा – भाजपा नेता रामु नेताम के बयानबाज़ी पर कांग्रेस पार्टी के ज़िला महामंत्री अजय मरकाम ने पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व में भाजपा से निलंबित रहे रामू नेताम बयानबाजी कर पार्टी में अपने वजूद को बनाये रखना चाहते है उन्हें कांग्रेस पार्टी के आंतरिक मामलों में ज्यादा रुचि है जिला पंचायत सदस्य होकर भी अपने निवार्चन क्षेत्र के लोगो के लिये उपलब्ध नहीं रहते है,बयानवीर बने फिरते हैं। वहिं कांग्रेस पार्टी लगातार जनहित के कार्यो में लगी हुई है कांग्रेस के चुने हुए जनप्रतिनिधि सीधे जनता से जुड़कर जमीनी विकास कर रहे है इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को भी जनता के काम समय सीमा में करने का दायित्व भी निभाते रहते है । जनता द्वारा निर्वाचित सरपंचों को बरगलाने का साहस किसी मे नही । भाजपा नेता बरगलाने की बात कहकर सरपंचों का अपमान कर रही है । भाजपा के छुटभैये नेता बयानबाजी कर प्रशासनिक अधिकारियों की तीमारदारी करने और विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय ठेकेदारी की दुकान चलाने में ही अपनी भलाई समझते है । पर वो भूल रहे है की विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने सैकड़ो बार आन्दोलन और दर्जनों बार कलेक्टर परिसर का घेराव किया है ।केंद्र सरकार की तानाशाही रवैये के खिलाफ जैसे महँगाई रोजगार, जनहित के मुद्दों के लिये आंदोलन करते रहेंगे ,और कर भी रहे हैं। अगर कॉंग्रेस शासन से जनता संतुष्ट नही तो भाजपा ने विगत 5 वर्षो में जनहित से जुड़े एक भी मुद्दे पर घेराव ,आंदोलन, प्रदर्शन क्यों नही किया । बात सीधी है भाजपा में जनहित के लिए कोई जगह नही कुछ चुनिंदा छुटभैये नेता आगामी चुनाव में पार्टी में अपना नम्बर बढ़ाने की कवायद में लगे हुए है जिनमे रामु नेताम अव्वल साबित हो रहे है । उन्हें अपनी पार्टी के नेताओ और संगठन की चिंता करनी चाहिए । रामु नेताम को अपने व्यावसायिक हित के लिए रोजाना प्रशासनिक भवन में मोबाइल बाहर रख कर जाना पड़ता है पर अपने आत्मसम्मान के लिए इसका विरोध करने का साहस अब तक नही जुटा पाए । उन्हें कांग्रेस पार्टी के मीटिंग में मोबाईल बाहर रखवाने की हास्यास्पद बात कहने में शर्म तक नही आती । भाजपा नेता अधिकारियों की तीमारदारी को छोड़ जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देकर विपक्ष की भूमिका निभाए तो कुछ हद तक पार्टी की खोई हुई प्रतिष्ठा बचा सकते है ।*
भांसी से असीम पाल
पन्द्रह साल के शासन के बाद जनता में विश्वास खो चुकी भाजपा को कांग्रेस में अधिक दिलचस्पी*
सरपंचों और जनता को बरगलाने का साहस किसी मे नही – अजय मरकाम*
*दंतेवाड़ा – भाजपा नेता रामु नेताम के बयानबाज़ी पर कांग्रेस पार्टी के ज़िला महामंत्री अजय मरकाम ने पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व में भाजपा से निलंबित रहे रामू नेताम बयानबाजी कर पार्टी में अपने वजूद को बनाये रखना चाहते है उन्हें कांग्रेस पार्टी के आंतरिक मामलों में ज्यादा रुचि है जिला पंचायत सदस्य होकर भी अपने निवार्चन क्षेत्र के लोगो के लिये उपलब्ध नहीं रहते है,बयानवीर बने फिरते हैं। वहिं कांग्रेस पार्टी लगातार जनहित के कार्यो में लगी हुई है कांग्रेस के चुने हुए जनप्रतिनिधि सीधे जनता से जुड़कर जमीनी विकास कर रहे है इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को भी जनता के काम समय सीमा में करने का दायित्व भी निभाते रहते है । जनता द्वारा निर्वाचित सरपंचों को बरगलाने का साहस किसी मे नही । भाजपा नेता बरगलाने की बात कहकर सरपंचों का अपमान कर रही है । भाजपा के छुटभैये नेता बयानबाजी कर प्रशासनिक अधिकारियों की तीमारदारी करने और विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय ठेकेदारी की दुकान चलाने में ही अपनी भलाई समझते है । पर वो भूल रहे है की विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने सैकड़ो बार आन्दोलन और दर्जनों बार कलेक्टर परिसर का घेराव किया है ।केंद्र सरकार की तानाशाही रवैये के खिलाफ जैसे महँगाई रोजगार, जनहित के मुद्दों के लिये आंदोलन करते रहेंगे ,और कर भी रहे हैं। अगर कॉंग्रेस शासन से जनता संतुष्ट नही तो भाजपा ने विगत 5 वर्षो में जनहित से जुड़े एक भी मुद्दे पर घेराव ,आंदोलन, प्रदर्शन क्यों नही किया । बात सीधी है भाजपा में जनहित के लिए कोई जगह नही कुछ चुनिंदा छुटभैये नेता आगामी चुनाव में पार्टी में अपना नम्बर बढ़ाने की कवायद में लगे हुए है जिनमे रामु नेताम अव्वल साबित हो रहे है । उन्हें अपनी पार्टी के नेताओ और संगठन की चिंता करनी चाहिए । रामु नेताम को अपने व्यावसायिक हित के लिए रोजाना प्रशासनिक भवन में मोबाइल बाहर रख कर जाना पड़ता है पर अपने आत्मसम्मान के लिए इसका विरोध करने का साहस अब तक नही जुटा पाए । उन्हें कांग्रेस पार्टी के मीटिंग में मोबाईल बाहर रखवाने की हास्यास्पद बात कहने में शर्म तक नही आती । भाजपा नेता अधिकारियों की तीमारदारी को छोड़ जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देकर विपक्ष की भूमिका निभाए तो कुछ हद तक पार्टी की खोई हुई प्रतिष्ठा बचा सकते है ।*
भांसी से असीम पाल

