कांकेर में प्रगतिशील लेखकों की रैली का “जन सहयोग ” संस्था द्वारा स्वागत ,,,,,,,,,,
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कांकेर शहर में देश के साहित्यकारों की प्रसिद्ध संस्था प्रगतिशील लेखक संघ का राज्य स्तरीय सम्मेलन एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का दो दिवसीय कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें आज जनरैली का कार्यक्रम था । यह रैली गांधी चौक से प्रारंभ होकर वंदे मातरम् चौपाटी स्थल तक आयोजित थी। इस रैली के पुराना बस स्टैंड पुलिस थाना के समीप पहुंचने पर लोकप्रिय समाज सेवी संस्था “जन सहयोग ” के द्वारा रैली का स्वागत मीठे बिस्कुट एवं शीतल जल से किया गया । स्वागत कर्ताओं में जन सहयोग के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी और उनके साथी “दूध नदी बचाओ” अभियान के सदस्य तथा बड़ी तादाद में बच्चों ने भी भाग लिया था। भव्य स्वागत से प्रसन्न होकर लेखक यूनियन के पदाधिकारी साहित्यकारों ने “जन सहयोग” द्वारा दूध नदी बचाओ आंदोलन की ज़बरदस्त प्रशंसा की और बताया कि हमारे इलाके में भी ‘हसदेव नदी बचाओ अभियान’ चालू है। नदियों की रक्षा ज़रूरी है, क्योंकि नदियों के किनारे ही मानव सभ्यताओं ने जन्म लिया है । नदियां जीवनदायिनी, मातृ स्वरूपा होती हैं । उन्होंने जानकारी दी कि हमारे देश की नदियों के पानी पर मल्टीनेशनल कंपनियों की टेढ़ी नज़र है। नदियों तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों को ऐसी बहुराष्ट्रीय लुटेरी कंपनियों से बचाए रखना भी आवश्यक है। जन सहयोग संस्था के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने रैली में उपस्थित लेखकों को बताया कि हमारी संस्था विगत अनेक वर्षों से यही कार्य कर रही है। ऐसा हम बिना किसी से आर्थिक सहायता मांगे कर रहे हैं । आज की प्रगतिशील लेखक संघ की अगवानी के कार्यक्रम में भाग लेने वाले साथियों के नाम सर्वश्री अजय पप्पू मोटवानी अध्यक्ष, संस्था के संरक्षक नरेंद्र दवे वकील साहब, वसंत ठाकुर वकील साहब, बल्लू राम यादव, अनुराग उपाध्याय, प्रवीण गुप्ता,धर्मेंद्र देव, राजेश चौहान, शैलेंद्र देहारी, भूपेंद्र यादव, दिनेश मोटवानी, सदा साहू आदि साथियों के नाम उल्लेखनीय हैं। प्रगतिशील लेखकों की रैली तथा जन सहयोग संस्था द्वारा उनके ज़ोरदार स्वागत सत्कार की चर्चा आज दिन भर काँकेर शहर में चलती रही।
कांकेर शहर में देश के साहित्यकारों की प्रसिद्ध संस्था प्रगतिशील लेखक संघ का राज्य स्तरीय सम्मेलन एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का दो दिवसीय कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें आज जनरैली का कार्यक्रम था । यह रैली गांधी चौक से प्रारंभ होकर वंदे मातरम् चौपाटी स्थल तक आयोजित थी। इस रैली के पुराना बस स्टैंड पुलिस थाना के समीप पहुंचने पर लोकप्रिय समाज सेवी संस्था “जन सहयोग ” के द्वारा रैली का स्वागत मीठे बिस्कुट एवं शीतल जल से किया गया । स्वागत कर्ताओं में जन सहयोग के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी और उनके साथी “दूध नदी बचाओ” अभियान के सदस्य तथा बड़ी तादाद में बच्चों ने भी भाग लिया था। भव्य स्वागत से प्रसन्न होकर लेखक यूनियन के पदाधिकारी साहित्यकारों ने “जन सहयोग” द्वारा दूध नदी बचाओ आंदोलन की ज़बरदस्त प्रशंसा की और बताया कि हमारे इलाके में भी ‘हसदेव नदी बचाओ अभियान’ चालू है। नदियों की रक्षा ज़रूरी है, क्योंकि नदियों के किनारे ही मानव सभ्यताओं ने जन्म लिया है । नदियां जीवनदायिनी, मातृ स्वरूपा होती हैं । उन्होंने जानकारी दी कि हमारे देश की नदियों के पानी पर मल्टीनेशनल कंपनियों की टेढ़ी नज़र है। नदियों तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों को ऐसी बहुराष्ट्रीय लुटेरी कंपनियों से बचाए रखना भी आवश्यक है। जन सहयोग संस्था के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने रैली में उपस्थित लेखकों को बताया कि हमारी संस्था विगत अनेक वर्षों से यही कार्य कर रही है। ऐसा हम बिना किसी से आर्थिक सहायता मांगे कर रहे हैं । आज की प्रगतिशील लेखक संघ की अगवानी के कार्यक्रम में भाग लेने वाले साथियों के नाम सर्वश्री अजय पप्पू मोटवानी अध्यक्ष, संस्था के संरक्षक नरेंद्र दवे वकील साहब, वसंत ठाकुर वकील साहब, बल्लू राम यादव, अनुराग उपाध्याय, प्रवीण गुप्ता,धर्मेंद्र देव, राजेश चौहान, शैलेंद्र देहारी, भूपेंद्र यादव, दिनेश मोटवानी, सदा साहू आदि साथियों के नाम उल्लेखनीय हैं। प्रगतिशील लेखकों की रैली तथा जन सहयोग संस्था द्वारा उनके ज़ोरदार स्वागत सत्कार की चर्चा आज दिन भर काँकेर शहर में चलती रही।

