——–*जैन दादाबाड़ी प्रतिष्ठा महोत्सव पत्रिका आलेखन दिवस पर 5 साधर्मिक भाई बहनों को स्वावलंबन हेतु सहयोग*
*जैन संवेदना ट्रस्ट का स्वाभिमान से स्वावलंबन की ओर प्रकल्प*
*जैन दादाबाड़ी प्रतिष्ठा महोत्सव निमित्ते जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा अनेक सेवा कार्यक्रमों का निर्णय*
जैन दादाबाड़ी प्रतिष्ठा के पत्रिका आलेखन दिवस पर जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा स्वाभिमान से स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 5 साधर्मिक परिवारों को व्यापार उत्थान हेतु आर्थिक नगद सहयोग व फॉल पीकू आटोमेटिक मशीन प्रदत्त की गई । ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के हृदय स्थल एम जी रोड़ में भव्यातिभव्य श्री धर्मनाथ जिनालय व श्री जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी का भव्यातिभव्य अंजनशलाका व प्रतिष्ठा महोत्सव 3 मार्च को होने जा रहा है । खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिन मणिप्रभ सूरीश्वर जी म सा की पावन प्रेरणा से साधर्मिक भक्ति एवं मानव सेवा के कार्य किये जावेंगे । आज पत्रिका आलेखन के अवसर पर साधर्मिक भक्ति की शुरुआत की गई । 3 परिवारों को व्यापार उत्थान के लिए नगद आर्थिक मदद व 2 परिवारों को फॉल पीकू की मशीन प्रदत्त की गई । साधर्मिक भक्ति का लाभ श्रीमती चुक्की देवी चंदनमल जी सुराना परिवार ने लिया । पूर्व में लिये निर्णयानुसार लाभान्वित साधर्मिक भाई बहनों का परिचय गुप्त रखे जाते हैं । कोचर व चोपड़ा ने बताया कि जैन दादाबाड़ी प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर मानव सेवा व मूक पशु पक्षियों के लिए जीव दया के कार्यक्रम आयोजित किए जावेंगे । जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने कहा कि विगत चातुर्मास में राष्ट्रसंत श्री ललितप्रभ सागर जी म सा ने प्रवचन में कहा था कि हमने भले ही जिनमंदिरों की ज्यादा प्रेरणा न दी होगी लेकिन साधर्मिक भाई बहनों के उत्थान में एवं भाईचारे को बढ़ाने में हमारी महती भूमिका रही है । इन्ही भावनाओं से प्रेरित होकर ट्रस्ट कार्यरत है ।
*जैन संवेदना ट्रस्ट का स्वाभिमान से स्वावलंबन की ओर प्रकल्प*
*जैन दादाबाड़ी प्रतिष्ठा महोत्सव निमित्ते जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा अनेक सेवा कार्यक्रमों का निर्णय*
जैन दादाबाड़ी प्रतिष्ठा के पत्रिका आलेखन दिवस पर जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा स्वाभिमान से स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 5 साधर्मिक परिवारों को व्यापार उत्थान हेतु आर्थिक नगद सहयोग व फॉल पीकू आटोमेटिक मशीन प्रदत्त की गई । ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के हृदय स्थल एम जी रोड़ में भव्यातिभव्य श्री धर्मनाथ जिनालय व श्री जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी का भव्यातिभव्य अंजनशलाका व प्रतिष्ठा महोत्सव 3 मार्च को होने जा रहा है । खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिन मणिप्रभ सूरीश्वर जी म सा की पावन प्रेरणा से साधर्मिक भक्ति एवं मानव सेवा के कार्य किये जावेंगे । आज पत्रिका आलेखन के अवसर पर साधर्मिक भक्ति की शुरुआत की गई । 3 परिवारों को व्यापार उत्थान के लिए नगद आर्थिक मदद व 2 परिवारों को फॉल पीकू की मशीन प्रदत्त की गई । साधर्मिक भक्ति का लाभ श्रीमती चुक्की देवी चंदनमल जी सुराना परिवार ने लिया । पूर्व में लिये निर्णयानुसार लाभान्वित साधर्मिक भाई बहनों का परिचय गुप्त रखे जाते हैं । कोचर व चोपड़ा ने बताया कि जैन दादाबाड़ी प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर मानव सेवा व मूक पशु पक्षियों के लिए जीव दया के कार्यक्रम आयोजित किए जावेंगे । जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने कहा कि विगत चातुर्मास में राष्ट्रसंत श्री ललितप्रभ सागर जी म सा ने प्रवचन में कहा था कि हमने भले ही जिनमंदिरों की ज्यादा प्रेरणा न दी होगी लेकिन साधर्मिक भाई बहनों के उत्थान में एवं भाईचारे को बढ़ाने में हमारी महती भूमिका रही है । इन्ही भावनाओं से प्रेरित होकर ट्रस्ट कार्यरत है ।

