उपेक्षित, मरणासन्न व्यक्ति को “जन सहयोग ” संस्था ने नवजीवन दिया,,,

उपेक्षित, मरणासन्न व्यक्ति को “जन सहयोग ” संस्था ने नवजीवन दिया,,,

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कांकेर की लोकप्रिय समाज सेवी संस्था “जन सहयोग” ने आज एक बार फिर मानवता की सेवा का ज़बरदस्त उदाहरण प्रस्तुत किया है, जब संस्था के लोगों ने स्थानीय नया बाज़ार के पौनी पसरा में उपेक्षित पड़े एक मरणासन्न व्यक्ति को उक्त सँकरी जगह से निकालकर न केवल उसे नह लाया धुलाया बल्कि अस्पताल तक पहुंचा कर उसका सही तरीक़े से इलाज भी शुरू करवाया है। व्यक्ति का नाम नीरज पांडे पिता बबलू पांडे है। इनका सारा परिवार सब कुछ बेचकर रायपुर में रह रहा है लेकिन नीरज पांडे (उम्र 32 वर्ष ) यहीं रह गए। उनको शुगर की बीमारी है, जिसकी वजह से एक पैर कट चुका है और दूसरे पैर में भी लाइलाज किस्म का घाव हो गया है । चलने फिरने से मजबूर नीरज नए बाज़ार की एक पौनी पसरा में छोटी सी जगह में रह रहे थे और कोई कुछ देता था, तो खा लेते थे अन्यथा भूखे रहते थे। विगत 15 दिनों से उन्हें खाने को भी कुछ नहीं मिला था और तबीयत ख़राब होने के कारण पानी भी पीने पर उल्टी हो जाता था। मजबूरी की हालत में एक लंबे समय से नीरज पांडे ने स्नान भी नहीं किया था। आज यह कर्तव्य जन सहयोग संस्था के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने अपने साथियों सहित निभाया। भयानक दुर्गंध के बीच में नीरज पांडे को नहला कर अस्पताल ले जाने लायक बनाया गया । कोमल देव अस्पताल पहुंचते ही विशेषज्ञ डॉक्टर तथा ड्यूटी नर्स, वार्ड बॉय इत्यादि मरीज़ की सेवा में लग गए और ग्लूकोज़ आदि चढ़ाकर बेसिक ट्रीटमेंट शुरू किया गया है। अत्यंत प्रशंसनीय सेवाभाव वाले डॉक्टर मनीष जैन, डॉक्टर लोकेश देव, डॉक्टर केके ध्रुव तथा ड्रेसर सरिता के अलावा जेएनयू से आए हुए एक ट्रेनर ने भी मरीज की सराहनीय सेवा की। अस्पताल के लोगों की सेवा भावनाओं की आम जनता में चर्चा की जा रही है तथा जन सहयोग संस्था के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी तथा धर्मेंद्र प्रताप देव, अनुराग उपाध्याय, राजेश चौहान, प्रवीण गुप्ता आदि सदस्यों की भी तारीफ़ की जा रही है, जिन्होने मानवता की सेवा करते हुए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी संस्था द्वारा अनेक उपेक्षित शारीरिक तथा मानसिक रोगियों की सेवा समय-समय पर की गई है।

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