बारनवापारा लाएं जाएंगे बाघ 10 सालो से चल रही थी प्रक्रिया
रायपुर
भारत में जिस तरह से नामीबिया से चीते लाकर यहां बसाने की कवायद की जा रही है, उसी फार्मूले से छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या बढ़ाने मप्र से 4 बाघ लाकर यहां संख्या बढ़ाने के प्रयास किए सरकार ने वन विभाग के इस प्रस्ताव को सहमति दे दी है। करीब 10 साल से ये प्रस्ताव फाइलों में तैयार कर लिया गया था। अब इसे मंजूरी मिली है। बार नवापारा में 2010 यानी 12 साल पहले अंतिम बार बाघ की मौजूदगी के प्रमाण मिले थे। विभाग के विशेषज्ञों के
अनुसार बार नवापारा में बाघ के स्थायी ‘बसेरे की बेहद अनुकूल स्थिति है। बार 70-80 के दशक में आसानी से बाघ की साइटिंग होती थी। धीरे-धीरे संख्या कम हुई और बाघ पूरी तरह से खत्म हो गए। हालांकि यहां बाघ की बसाहट बढ़ाने की सारी अनुकूल स्थिति को देखते हुए करीब 10 साल से उन्हें दोबारा बसाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पिछले दिनों नामीबिया से चीते को लेकर मप्र के जंगलों में बसाने की कोशिश हुई। उसके बाद यहां के प्रोजेक्ट में तेजी आई।

