रायपुर के न्यायालय ने हत्या के आरोपी को तीन बार आजीवन कारावास भुगतने की सजा सुनाई

3 हत्याएं, तीन बार आजीवन कारावास की सजा मिली

ग्राम बाना, उरला थाने का मामला, सास और सालों की हत्या की थी

अयान न्यूज़ रिपोर्टर रायपुर।

अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती विभा पांडेय ने अभियुक्त चन्द्रकांत निषाद को धारा 302 (तीन बार) दर्ज मामले में प्रत्येक अपराध के लिए आजीवन कारावास से दंडित किया है। आरोपी ने लकड़ी के खुरा से अपनी सौतेली सास दुलौरिन बाई तथा अपने साले सोनू निषाद, संजय निषाद के सिर पर मारकर हत्या की और अपराध को छिपाने के लिए तीनों के शरीर में मिट्टी तेल डालकर आग लगा दी थी।

अभियोजन की जानकारी देते हुए

न्यायालय ने फैसला सुनाया, अभियुक्त चन्द्रकांत निषाद को मृतका दुलौरिन बाई, मृतक सोनू निषाद, संजय निषाद की हत्या कारित करने के अपराध में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (तीन बार) के तहत तीन व्यक्तियों की हत्या आजीवन कारावास एवं 100-100 रुपए (कुल तीन सौ रुपए) के अर्थदंड से दंडित किया जाता है। इसी प्रकार अभियुक्त को साक्ष्य विलोपित के लिए धारा 201 भारतीय दंड संहिता के अपराध के लिए पांच वर्ष के सश्रम कारावास एवं 50 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया जाता है। कारावास की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

| कारावास की सभी सजाएं साथ-साथ कारित करने के प्रत्येक अपराध के लिए

अपर लोक अभियोजक मनोज वर्मा ने बताया कि घटना 9 अक्टूबर 2019 रात 11 बजे ग्राम बाना आरक्षी केन्द्र उरला की है। 10% कराया। अक्टूबर की सुबह आरोपी ने थाने सूने घर से 90 हजार की चोरी पहुंच कर आग लगने से की सूचना दी। मृत्यु होने

पोस्टमार्टम रिपोर्ट खुला मामला

पुलिस जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामला खुला। तीनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु हत्यात्मक प्रवृत्ति से होने की बात कही गई। पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में

आरोपी ने अपना अपराध स्वीकारा और खारून नदी से लकड़ी का खुरा और मिट्टी तेल का डिब्बा बरामद

रायपुर। अग्रोहा कालोनी रायपुरा चौक स्थित एक मकान का ताला तोड़कर आलमारी में रखे 90 हजार रुपये नकद को अज्ञात चोर चोरी कर ले गया। प्रार्थी पाण्डे बी. एस. ने चोरी की रिपोर्ट शुक्रवार को लिखाई। पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ धारा 457, 380 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

प्रार्थी ने बताया कि 13 नवंबर को दोपहर करीबन 12 बजे वह अपने घर के मुख्य दरवाजे का ताला लगाकर परिवार सहित अम्बिकापुर चला गया था। 23 नवंबर को सुबह 10.30 बजे उसकी पुत्री कु. श्रद्धा पाण्डेय अम्बिकापुर से आई। उसने दरवाजे का ताला टूटा पाया और घर के अंदर दोनों कमरों के ताले को खुला पाया। अंदर जाने पर पता चला कि अलमारी तोड़ दी गई है। उसका लॉकर भी तोड़कर सामान बिखरा दिया गया है। पुत्री ने प्रार्थी को फोन कर चोरी की सूचना दी।

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