रायपुर,राजीव भवन में PCC,की बैठक सम्पन्न, दो प्रस्ताव हुए पारित,मुख्यमंत्री भूपेश समेत कई मंत्री रहे मौजूद,
रायपुर। राजीव भवन में आज पीसीसी की राजनीतिक मामलों की अहम बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,केंद्रीय प्रभारी पीएल पुनिया,चंदन यादव के साथ मंत्री टीएस सिंहदेव,मंत्री शिव डहरिया,अमरजीत भगत,विधायक धनेंद्र साहू आदि शामिल हुए।
बैठक के बाद सीएम भूपेश बघेल ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि पुनिया जी की अध्यक्षता में आज बैठक हुई,जिसमें सबसे पहले उन्होंने बैठक के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी,सोनिया गांधी की सेवाओं और योगदान को याद करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पारित किया गया, साथ ही दूसरा खड़गे जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी आने वाली चुनौतियों का भरपूर सामना करेगी।
इस तरह दो प्रस्ताव पारित हुए है। साथ ही आगे चुनाव की रणनीति किस प्रकार से हो,किस तरह चुनाव में जाना है हम सबको मिलकर,इन बिंदुओं पर चर्चा हुई। और आवश्यक निर्देश हमारे प्रभारी द्धारा दिए गए।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के साथ पैरा मिलिट्री फोर्स के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास पैरामिलिट्री फोर्स है, जिसका उपयोग आवश्यकतानुसार राज्यों में किया जाता है,लेकिन वर्तमान में इसका उन राज्यों में इस्तेमाल कर रही है,जहां विपक्ष की सरकार है।
कांग्रेस की पॉलीटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ली जा रही गृह विभाग की बैठक पर कहा कि केंद्रीय पुलिस नाम की चीज कोई होती नहीं है। कानून व्यवस्था राज्य सरकार का विषय है।
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भीमा मंडावी की हत्या हुई थी,उसका क्या अपडेट है। अभी तक कोई नहीं पूछ रहा है। एकतरफा काम नहीं करना चाहिए.राज्य सरकार को साथ लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नक्सल मोर्चे पर लड़ाई लड़ने पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि शहरी नक्सल के नाम से प्रताड़ित करने की बात होती है।
सुधा भारद्वाज को शहरी नक्सली बताकर अंदर कर दिया गया है.इनकी जो दृष्टि है,उसके हिसाब से भाजपा के खिलाफ अगर बात करेंगे तो धर्म विरोधी हो जाएंगे। अगर प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री के खिलाफ बात करेंगे तो राष्ट्रद्रोह हो जाते हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ में इस साल बरदाने की कमी पर कहा कि 80 से 85% धान खरीदी की व्यवस्था हो गई है। आने वाले समय में और बरदाने उपलब्ध होगा.जूट कमिश्नर से लगातार हमारे अधिकारी बातचीत कर रहे हैं। पिछले साल की तरह इस साल किसानों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. पिछले साल कोरोना काल के चलते जूट मिल ही बंद था।

