दंतेवाड़ा. भांसी से असीम पाल
की रिपोर्ट
एसकेएमएस के अध्यक्ष व सचिव अपनी दुकान बचाने झोंक रहे यूनियन को । स्थानीय लोगों को निवासी बनाने में कैसी दिक्कत ।
लेनदेन कर बाहरी और अपने रिश्तेदारों को लगाया है सप्लाई में ।
बचेली -जनपद सदस्य मुकेश कर्मा ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि आदिवासी हितैषी का मुखौटा डालकर एनएमडीसी परियोजना क्षेत्र में मजदूरों को डरा धमकाकर रखने वाले एसकेएमएस के अध्यक्ष ,सचिव और प्रमुख पदाधिकारियों के चेहरे से अब नकाब हटने लगा है । लेनदेन कर नौकरी लगाने वाले एसकेएमएस के नेता स्थानीय लोगों का हक छीनकर अब बाहरी और अपने रिश्तेदारों को लेबर सप्लाई से निकाले जाने और अपनी लेनदेन की दुकान बंद होने के डर के चलते पूरे यूनियन को इसमे झोंक रहे है । हमने स्थानीय लोगों की जांच की मांग की है जिसमे आदिवासी गैरआदिवासी सभी शामिल है लंबे समय से निवासरत लोगों को निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में कोई दिक्कत नही होनेवाली, वहिं हाल ही में सांठगांठ से पिछले दरवाजे से लेबर सप्लाई में लगाये गए सैकड़ो बाहरी लोगों को ही निकाले जाने का डर सता रहा है जिन्हें बचाने के लिए एसकेएमएस के नेता एनएमडीसी को ज्ञापन सौंप रहे है । यदि एसकेएमएस के नेताओ को स्थानीय लोगों की इतनी ही चिंता है तो नैतिकता दिखाते सबसे पहले बाहर से आए अपने करीबियों को वापस भेजें ।
एसकेएमएस सचिव लेन देन में माहिर,लेन देन की सीडी भी हुई थी जारी
एसकेएमएस के सचिव शंकर राव लेन देन कर काम लगाने में महारत हासिल कर ली है उन्होंने 2012 में एल 06 की भर्ती में लाखो के लेने देन कर नौकरी लगाने की दुकान किस तरह चलाई थी ये किसी से छुपा नही है जिसके साक्ष्य अब भी मौजूद है । उन्होंने अपने बयान में आसपास के गांव, मुंडरा कैम्प, लेबर हाटमेंट का उल्लेख किया है पर उन्होंने एनएमडीसी के क्वार्टर में रहने वाले समृद्ध लेबरों का जिक्र तक नही किया जिनकी तादाद ग्रामीण क्षेत्र और झुग्गी बस्तियों से कहीं अधिक है ।
हमारे द्वारा आंदोलन कर लालपानी प्रभावित 12 गांवों के बेरोजगार युवाओं को लेबर सप्लाई में लेने की मांग की गई है पर लंबे समय से जिले में निवासरत लेबर सप्लाई में कार्य कर रहे लोगों का विरोध नही किया बल्कि केवल विगत कुछ वर्षों में यहां आए और एनएमडीसी के प्रभावशाली लोगों के मेहरबानी से लेबर सप्लाई का लाभ ले रहे लोगों के स्थान को खाली करने मांग की है जिसे संयुक्त खदान मजदूर संघ लगातार आदिवासी बनाम गैरआदिवासी का भ्रम फैलाकर क्षेत्र कीआत्मीयता और सौहाद्र बिगाड़ने की कोशिश में लगा हुआ है ।
दंतेवाड़ा. भांसी से असीम पाल
की रिपोर्ट

