रायपुर. विधानसभा और लोकसभा चुनाव निपटने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित पूरे प्रदेश कांग्रेस की कसरत, मंडल और आयोगों में नियुक्तियों को लेकर हो रही है. इसके लिए मुख्यमंत्री सहित प्रदेश प्रभारी पी.एल. पुनिया ने तीन दौर की वार्ता भी कर ली है और नाम भी लगभग तय हो गए हैं. बस इंतजार नया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने का हो रहा था.
दिल्ली में बैठे सूत्रों के मुताबिक पहली लिस्ट एक सप्ताह पहले ही आ जानी थी लेकिन कांग्रेस आलाकमान की सलाह थी कि नया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बन जाने दीजिए ताकि संगठन चलाने में उन्हें आसानी हो. वैसे तो सर्वाधिकार सीएम का है कि वे किसे लालबत्ती से उपकृत करते हैं परंतु भूपेश बघेल, पार्टी और संगठन के सामंजस्य से सूची तैयार कर रहे हैं.
इधर, कोण्डागांव विधायक मोहन मरकाम के पीसीसी’ अध्यक्ष बनने के बाद संभावित सूची में आंशिक फेरबदल किया जा सकता है. मरकाम खुद भी अपने करीबियों का नाम जुड़वा सकते हैं इसके लिए केशकाल, कोण्डागांव और कांकेर के नेताओं की लाटरी लग सकती है. बताया जाता है कि जिन निगम-मंडलों का लोगों से सीधा सरोकार नही है, सिर्फ उन्हीं में नियुक्तियां होंगी बाकी स्थानीय चुनाव के बाद भरे जाएंगे. पहली खेप में एक दर्जन आयोग-मंडल-बोर्ड में नियुक्तियां की जाएंगी.
इस बात पर औपचारिक सहमति बन चुकी है कि निगम मण्डल आयोग में नेताओं और कार्यकर्ताओं को ही एडजस्ट किया जायेगा, विधायकों को नही. परंतु मंत्री बनने से चूक गए विधायक अमितेष शुक्ल और सत्यनारायण शर्मा की नाराजगी दूर करने के लिए उन्हें लाल बत्ती दी जा सकती है. राजधानी से प्रमोद दुबे की रॉय को मुख्यमंत्री अहमियत देंगे, ऐसा माना जा रहा है. इसके लिए प्रमोद के पास दर्जनों बॉयोडाटा आए हैं.
मुख्यमंत्री ने आंचलिक प्रतिनिधित्व के साथ-साथ वर्ग विशेष को भी प्रतिनिधित्व देने का मन बनाया है. आम आदमी पत्रिका’ उन नामों का खुलासा कर रहा है जो निगम-मण्डल-आयोग की संभावित सूची में प्रमुखता से शामिल हैं, ये इस प्रकार हैं :
रायपुर से : शैलेष नितिन त्रिवेदी, शिव ठाकुर, अजय साहू, महेंद्र छाबड़ा, सूर्यमणि मिश्रा, सुशील आनंद शुक्ला, सुशील ओझा, रामगोपाल अग्रवाल, सभी संगठन.
गिरीश देवांगन को आरडीए अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल सकती है.
बस्तर से : मिथिलेश स्वर्णकार, अमीन मेमन, फूलोदेवी नेताम, उमाकांत शुक्ला, ओंकार सिंह जायसवाल (कारी)
बिलासपुर से : अटल श्रीवास्तव
महिला वर्ग से : प्रतिमा चंद्राकर, किरणमयी नायक और करूणा शुक्ला. हालांकि करूणा जी को राज्यसभा भी भेजा जा सकता है.
अल्पसंख्यक वर्ग से : एजाज ढेबर, गुरूमुख सिंह होरा, सलाम रिजवी, सददाम भाई, इदरीस गांधी का नाम चर्चा में है.
अन्य नामों में : डॉ. राकेश गुप्ता, गजराज पगारिया, सुभाष धुप्पड़ और अमित पाण्डेय (दोनों महंत खेमा)
दिलीप षड़ंंगी और गोरेलाल बर्मन का नाम फिल्म विकास निगम के लिए संभावित है.
सतनामी गुरू बालदास को भी लाल बत्ती मिलना तय है परंतु वे राज्यसभा जाने के इच्छुक हैं.

