रायपुर,गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को मिली सौगात, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जारी की 10 करोड़ 84 लाख की राशि,
पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहित करने मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला,
गौठानों में उत्पादित दूध की गांवों में खपत और पशुओं के लिए चारे की पुख्ता व्यवस्था के लिए तैयार की जाएगी कार्य योजना,
गोधन न्याय योजना और राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के हितग्राहियों को राशि वितरण के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश,
आंगनबाड़ियों और स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना में बच्चों को दूध देने से उनमें कुपोषण होगा दूर,
रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालकों, ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को ऑनलाइन 10 करोड़ 84 लाख रूपए की राशि जारी की।
इसके तहत 15 जून से 30 जून तक राज्य के गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों,किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए गोबर के बदले में 3.69 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया गया। वहीं,आज गौठान समितियों को 4.31 करोड़ और महिला समूहों को 2.84 करोड़ रूपए की लाभांश राशि का भुगतान किया गया।
वहीँ कार्यक्रम में,मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गांवों के गौठानों में पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गौठानों में उत्पादित दूध की गांवों में खपत करने और पशुओं के चारे की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसान लाभान्वित हो रहे हैं, इसी तरह गौठानों में संचालित डेयरी से उत्पादित दूध की गांवों में खपत और पशुओं के चारे की व्यवस्था होने से पशुपालक लाभान्वित होंगे और पशुपालन के लिए प्रोत्साहित होंगे। उन्होंने कहा कि गांवों के आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन के सहयोग से बच्चों को उबालकर दूध उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। इससे पशुपालकों को दूध का वाजिब मूल्य मिलेगा। ग्रामीण दूधारु पशुपालन के लिए प्रोत्साहित होंगे। गौ-माता की सेवा होगी। ग्रामीण अंचल में दूध की उपलब्धता बढ़ने से पोषण स्तर बेहतर होगा। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने मुख्य सचिव को इसके लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

