माँ ने आपने दत्तक पुत्र के खिलाफ भरण-पोषण की मांग महामहीम राज्यपाल से की

माँ ने आपने दत्तक पुत्र के खिलाफ भरण-पोषण की मांग महामहीम राज्यपाल से की

लज्जा शुक्ला उम्र 70 वर्ष पति स्व. श्री संतोष शुक्ला नैला जांजगीर जिला-जांजगीर चांपा की रहने वाली हूँ, मेरे पति वन विभाग में कार्यरत थे जिनका निधन 08.03.1993 को होने के कारण में अपने जेठ श्री महेश प्रसाद शुक्ला के द्वितीय पुत्र नमो प्रकाश शुक्ला को सन् 1994 में हिन्दू दत्तक तथा भरण-पोषण अधिनियम 1956 का संख्यांक “78” के तहत् गोदनामा ली। नमो प्रकाश शुक्ला को जिसके कारण शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति दी गयी। इसके अलावा मेरी दो पुत्री भी है जिनके विवाह के समय भी मेरे दत्तक पुत्र द्वारा आश्वासन के बाद भी कोई आर्थिक मदद नहीं की गई। विगत 27 वर्ष से भरण-पोषण के लिए मात्र 3000रू. प्रतिमाह नमो प्रकाश शुक्ला द्वारा दिया जाता था तथा मुझे छोड़कर अपने नव निर्मित नये मकान में चले गए तत्पश्चात् मेरी तबियत खराब होने के कारण मेरी छोटी पुत्री स्वाति तिवारी अपने ससुराल रायपुर लाकर मेरा ईलाज करायी। आज दिनांक तक मैं अपनी छोटी बेटी के ससुराल रायपुर में ही निवासरत है । मैं जब-जब अपने दत्तक पुत्र को ईलाज कराने के लिए बोलती हूँ तो वह न ही ईलाजा करवाता है औ न ही मेरी देखभाल करता है। इसके बदले विगत 01 वर्ष से प्रतिमाह 10000/- रू. भेज देता है।

मेरी उम्र ज्यादा होने कारण मुझे बी.पी. शुगर, हार्ट एवं पैर के नसों तथा घुटनों की तकलीफ रहती है जिसका खर्च प्रतिमाह 10000 रू. से ज्यादा हो जाता है अतः मैं अपने ईलाज के लिए बंटवारे में मिली नैला, जांजगीर में स्थित पैतृक संपत्ति को बेचना चाहती हूँ जिससे मेरा ईलाज हो सके तथा मेरी पुत्री एवं दामाद को खर्च का बोझ न पड़े। लेकिन मेरे दत्तक पुत्र द्वारा उक्त पैतृक संपत्ति पर अपना अधिकार बताकर तथा न्यायालय की धमकी देकर बराबर-बराबर बंटवारा चाहता है एवं बेचने पर आपत्ति दर्ज कराने की धमकी देता है। चूंकि हिन्दू दत्त्क तथा भरण पोषण अधिनियम 1956 संख्याक “78” के अध्याय-2 के बिंदु क्रमांक 13 में दत्तक जनकों का अपनी संपत्तियों के व्ययन का अधिकारी दिया गया है जिसमें तत्प्रतिकूल करार के अध्ययीन यह है कि कोई दत्तक किसी दत्तक पिता या माता को अपनी संपत्ति जीवाभ्यान्तर अन्तरण द्वारा या विल द्वारा व्ययनित करने की शक्ति से वंचित नहीं करता।

उपरोक्त अधिनियम के तहत् दत्तक पुत्र को दत्तक माता-पिता संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं होता फिर भी मैं लज्जा शुक्ला अपने दत्तक पुत्र नमो प्रकाश शुक्ला को अपनी पैतृक संपत्ति में बराबर का बंटवारा देने को तैयार हूँ तथा पैतृक संपत्ति में नमो प्रकाश शुक्ला का नाम दर्ज करा दी गई है किंतु शेष बची जमीन को बेंचने पर नमो प्रकाश शुक्ला द्वारा आपत्ति दर्ज करने की धमकी दी जाती रही है। जिसके कारण मेरे ईलजा एवं भरण-पोषण के लिए कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अतः महोदय जी से निवेदन है कि मुझे मेरे दत्तक पुत्र नमो प्रकाश शुक्ला जो कि स्कूल शिक्षा विभाग कुली पोटा, जिला-चांपा जांजगीर में शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं। जिसके प्रतिमाह के वेतन से वेतन का आधा हिस्सा (1 / 2) मेरे एस.बी.आई. बैंक शाखा- जांजगीर (छ.ग.) खाता क्रमांक 10784148021 में जमा कराने का कष्ट करे जिससे मैं अपने भरण-पोषण एवं ईलाज सुचारू रूप से कर सकें। जिसके लिए मैं सदैव आपकी आभारी रहूँगी।

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