28-29 मार्च के राष्ट्रीय संयुक्त ट्रेड यूनियन के हड़ताल को सफल करने का संकल्प लेकर दी गई शहिदेआजम भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरू को श्रद्धांजलि आल इंडिया स्टूडेंट्स एशोसियेशन ( आईसा ) और इंकंलाबी नौजवान सभा ( आरवाईए ) के संयुक्त तत्वावधान में आज शहीद दिवस को छात्र-युवा रोजगार अधिकार दिवस के रूप में मनाया।इसी तारतम्य में रायपुर जिला के खरोरा तहसील के बंगोली में श्रद्धांजलि संगोष्ठी का आयोजन किया गया।संबोधन के क्रम में आईसा के छत्तीसगढ़ राज्य संयोजक डाक्टर दीक्षित भीमगड़े ने नई शिक्षा नीति 2020 को भेदभावपूर्ण और रोजगार विहीन बताते हुए इसे वापस लेने तथा सम्मानजनक रोजगार को मौलिक अधिकार का दर्जा देने की मांग जोर देकर उठाई। उन्होने कहा कि यह नीति अनुदान के बजाय कर्जा में फंसाने वाला माडल तथा भारीभरकम फीस लूटने और गरीबों को शिक्षा से वंचित करने वाली नीति है। इसमें शिक्षा माफिया और भ्रष्ट बिचौलिए मजबूत होंगे। नई शिक्षानीति संविधान और संघीय ढांचे का उलंघन करता है और यह अनुसंधान विरोधी भी है।भाकपा ( माले ) लिबरेशन के जिला सचिव नरोत्तम शर्मा ने कहा कि साम्प्रदायिक फासीवादी ताकतें अमर शहिद भगतसिंह के विचारों को साजिशपूर्वक अराजक, उन्मादी बनाने और अपनी मंसूबों के अनुकूल ढालने में लगी हैं।आजादी के 75 साल पर जब केन्द्र सरकार किसान-मजदूर,छात्र-नौजवान और महिलाओं के अधिकारों पर एक के बाद एक हमला कर रही है,तब भगतसिंह अधिक प्रासंगिक साबित हुए हैं।आजादी के संघर्ष के दौर में ही नौजवानों, संघर्षशील साथियों को सचेत कर रहे थे कि सत्ता गोरे अंग्रेजों के हाथ से भूरे अंग्रेजों के हाथ में सौंपना क्रांति का मकसद नहीं है।आज नौजवानों को साम्प्रदायिक उन्मादी और हिंसक बनाया जा रहा है। संविधान के मूल अवधारणा धर्मनिरपेक्षता सहिष्णुता ,एकता,अखंडता,सम्प्रभुता पर जोरदार हमले किये जा रहे हैं तब हर लोकतंत्र पसंद लोगों को दूसरी आजादी का जोखिम भरा आंदोलन तेज करना होगा। 28-29 मार्च का हड़ताल इस आंदोलन का ही भाग है। इसे हमें हर हाल में सफल करना चाहिए। एक्टू के साथी बिसहत कुर्रे,डॉक्टर नकुल साहू,डाक्टर खंझन रात्रे,धनेश वर्मा,छत्तीसगढ़ ग्राम विकास एकता समिति के धर्मेंद्र बैरागी, गोवर्धन पाल आदि साथियों ने अपनी बातें रखी। यह जानकारी प्रेस नोट के जरिये धर्मेंद्र बैरागी ने दी।
28-29 मार्च के राष्ट्रीय संयुक्त ट्रेड यूनियन के हड़ताल को सफल करने का संकल्प लेकर दी गई शहिदेआजम भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरू को श्रद्धांजलि

