छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश पारस्परिक समझौते के विपरीत संचालित हो रही बसें,पक्षीराज-प्रयाग कंपनी की बसों द्वारा सीमाओं से की जा जा रही घुसपैठ

छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश पारस्परिक समझौते के विपरीत संचालित हो रही बसें,पक्षीराज-प्रयाग कंपनी की बसों द्वारा सीमाओं से की जा जा रही घुसपैठ

रायपुर। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के पारस्परिक परिवहन करार के तहत रीवा से अंबिकापुर चलने वाली प्रयाग और पक्षीराज बस का छत्तीसगढ़ प्रदेश से ट्रांसपोर्ट कार्यालय से सहमति नहीं मिलने के बाद भी बस का संचालन सभी नियम को शिथिल कर के धड़ल्ले से चल रहा है प्रतिदिन दिन में 1 20 बजे अंबिकापुर से चलकर यह बस छत्तीसगढ़ के 3 जिलों से गुजरते हुए मध्य प्रदेश की तरफ चली जाती है जिसकी शिकायत स्थानीय मोटर मालिकों द्वारा सभी जिला परिवहन अधिकारियों से की गई है किंतु जिला परिवहन अधिकारियों को इस बस पर किसी भी प्रकार की दिलचस्पी ना दिखाते हुए कार्यवाही नहीं किए जाने से इनके कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं.वही छत्तीसगढ़ के बस मालिक यदि इन अवैध बसों को रोकने का प्रयास करते हैं बस मालिक शहडोल से अपने गुंडों के साथ आकर धमकी चमकी देते है सड़कों पर गुंडागर्दी करते हैं और इनके आगे पीछे और गाड़ी चलाने की धमकी देते है छत्तीसगढ़ प्रदेश के शांत और सौम्य वातावरण में ऐसी गंदी गतिविधियां देखकर छत्तीसगढ़ के बस मालिकों में बड़ा रोष व्याप्त है.!!

विदित हो कि पिछले 6 माह से अंबिकापुर से रीवा इलाहाबाद तक चलने वाली प्रयाग बस एमपी 18 पी 1899 एवं पक्षीराज बस mp 18 p 0699 का छत्तीसगढ़ प्रदेश से होने वाले काउंटर साइन नहीं होने के बाद भी बस मालिक बसों को धड़ल्ले से छत्तीसगढ़ प्रदेश के अंबिकापुर तक संचालन करा रहा है नियमों के तहत मध्य प्रदेश से जब परमिट जारी होगा तो छत्तीसगढ़ प्रदेश उस परमिट पर वाहन संचालन के लिए अपनी सहमति देगा तब जाकर छत्तीसगढ़ प्रदेश का उस बस का निर्धारित कर जमा होगा और बस का संचालन किया जा सकेगा किंतु यह बस मालिक प्रारंभिक दिनों में न्यायालयीन आदेश लाकर बस का संचालन करता रहा इन दिनों न्यायालयीन आदेश की अवधि भी खत्म हो चुकी है उसके बाद भी वह बस मालिक स्थानीय एजेंटों के माध्यम से पुलिस और आरटीओ को सेट कर बस का संचालन छत्तीसगढ़ प्रदेश में कर रहा है जिसकी शिकायत प्रदेश के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर तक की गई है लेकिन इन सब शिकायतों के बावजूद भी प्रतिदिन बस का संचालन प्रशासनिक नकारा पन उजागर करता है एक तरफ जहां प्रदेश सरकार मार्च के महीने में अधिक से अधिक राजस्व वसूलने का सभी जिलों में आदेश जारी कर रहे हैं वही यह बस मालिक बड़े पैमाने में छत्तीसगढ़ प्रदेश का कर चोरी कर रहा है लेकिन अधिकारियों के निजी लाभ सिद्ध होने के कारण यह बस प्रदेश सरकार को राजस्व नहीं दे रही है, इनकी और भी दर्जनों बसें प्रदेश के विभिन्न सीमाओं से छत्तीसगढ़ प्रवेश करती हैं लगभग बसें इसी तरह से संचालित है बीते दिवस इन दोनों कंपनियों की बसें रायपुर और बिलासपुर कवर्धा बेमेतरा में जप्त कर खड़ी की गई हैं जिन पर लाखों रुपया का जुर्माना लगाया है इस सब के विपरीत कोरिया सूरजपुर अंबिकापुर के जिला परिवहन अधिकारी इस बस के संचालन के लिए अपनी हरी झंडी दे रखे हैं.!!

क्या कहते हैं परिवहन और बीमा के नियम.!!

नियमों के तहत दो राज्यों के बीच पारस्परिक करार के तहत जो परमिट जारी किए जाते हैं एक राज्य से परमिट प्राप्त करने के बाद को दूसरे राज्य के प्रदेश परिवहन आयुक्त से सहमति लेना होता है, यदि आयुक्त से सहमति नहीं ली गई दो वह गाड़ी बिना परमिट मानी जाएगी,और इस तरह यदि गाड़ी बिना परमिट वाले क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होती है तो उसमें बैठे यात्रियों को बीमा कंपनी द्वारा किसी भी तरह का बीमा दुर्घटना क्लेम नहीं दिया जाएगा.!!

प्रदेश की सभी मुख्य मार्ग के सीमाओ परिवहन चेकपोस्ट लगाए गए हैं घुटरी टोला चेक पोस्ट से प्रतिदिन या बस संचालित हो रही है इन परिवहन चेक पोस्टों पर बैठे जिम्मेदार स्पेक्टर और सिपाही प्रति चक्कर इन बसों से ₹1000 लेकर छत्तीसगढ़ प्रवेश करवा रहे हैं इनके द्वारा यदि ₹1000 रुपए इंट्री के तौर पर दिया जाता है तो यह लोग किसी भी प्रकार के दस्तावेज की मांग नहीं करते और धड़ल्ले से इस तरह की बसें चलवा कर जहां प्रदेश सरकार को बड़े राजस्व का नुकसान हो रहा है वही उन पर यात्रा करने वाले यात्रियों और बस संचालन करने वाले कर्मचारियों की भी जान जोखिम में रहती है

छत्तीसगढ़ प्रदेश के बस मालिकों ने कोरिया कलेक्टर से इन अवैध संचालित बसों पर नियंत्रण की गुहार लगाई है उनके द्वारा कलेक्टर को यह बताया गया है कि नियमों के विपरीत शहडोल के बस मालिकों द्वारा अवैध तरीके से कोरिया जिले में दर्जनों बस संचालित हो रही है जो की नियमों से चल रही बसों को प्रभावित कर रही है मनेंद्रगढ़ से अंबिकापुर चलने वाली कई बस मालिकों के बीच यह बस रोज विवाद का कारण बन रही है स्थानीय बस मालिक इस अवैध संचालित बस को रोकते हैं तो बस मालिक अपने गुंडों के साथ मौके पर पहुंचकर धमकाता चमकाता है और और गाड़ी आगे पीछे चलाने की धमकी देता है क्योंकि यह बस मालिक सैकड़ों बसें रखे हुए हैं इसलिए इनसे छोटे बस मालिक डरते हैं समय रहते ही यह अवैध बस संचालन पर यदि जिला प्रशासन द्वारा नियंत्रण नहीं किया गया तो किसी न किसी दिन आपसी प्रतिस्पर्धा के कारण बड़ी दुर्घटना देखने को मिल सकती है और विवाद के बाद जनहानि भी हो सकती है प्रतिदिन सवारी पाने की होड़ में इस बस के आगे पीछे दो तीन बसें आगे निकलने की कोशिश में दौड़ रही हैं अंबिकापुर से रीवा इलाहाबाद चलने वाली बस में कई दुर्घटनाएं पूर्व में हो चुकी हैं इस बस की रफ्तार काफी तेज है सड़कों पर यात्रा करने वाले अन्य वाहन चालक एवं राहगीर भयभीत हो चले हैं.!

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