प्रेस विज्ञप्ति
11मार्च 2022
छत्तीसगढ़ का बजट निराशाजनक हैं, ग्रामसभा व पंचायती राज व्यवस्था के लिए कुछ भी नही, गौठान के नाम पर सिर्फ गोबर बजट- हुलास साहू
भूपेश सरकार ने अपने चौथे बजट में पूर्ण शराबबंदी का कोई जिक्र भी नही मातृशक्ति से किया धोखा- धर्मेन्द्र बैरागी
रायपुर- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 2022-23 के लिए जो बजट पेश किया गया इस बजट को लेकर छत्तीसगढ़ ग्राम विकास एकता समिति के अध्यक्ष हुलास साहू द्वारा प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह बेहद निराशाजनक बजट है। महिलाओं के लिए कुछ नही, न ही पूर्ण शराबबंदी, गौठान के नाम पर सिर्फ गोबर बजट। न तो ग्रामीणों के लिए आवास और न ही आम आदमियों को महंगाई से राहत और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राजकीय करों में कोई छूट का प्रावधान किया गया है। 2018 चुनाव के जन-घोषणा के सभी वादे भूल चुकी है। बजट में न तो प्रदेश के नौजवानों के लिए नए रोज़गार, न तो संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण, सरकार ने अपने वायदे के अनुसार अपने चौथे बजट कोई भी बेरोजगार युवाओं को रोजगार और बेरोजगारी भत्ता अभी भी देने के लिए कोई पहल नहीं की, युवा मितान क्लब केवल एक झुनझुना मात्र है।
छत्तीसगढ़ के 80℅ फीसदी आबादी गाँव मे निवास करती है जो पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत निवास करते है, ग्रामसभा की मजबूती और पंचायती व्यवस्था में सुधार करने के लिए कुछ भी नही है। छत्तीसगढ़ राज्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना के तहत आत्मनिर्भर महिला के लिए संचालित कार्यक्रमों में भारी अनिमियतता, कमीशनखोरी व भ्रष्टाचार कर लूट मची हुई है।
छत्तीसगढ़ ग्राम विकास एकता समिति के सचिव धर्मेन्द्र बैरागी अपने प्रतिक्रिया में कहा कि वृद्धजन एवं महिलाओं के हित में कोई अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया। बजट में महिलाओं के लिए कुछ भी नही, भूपेश सरकार ने अपने चौथे बजट में पूर्ण शराबबंदी का कोई जिक्र भी नही किया। शराबबंदी नही कर मातृशक्तियों से किया धोखा। चुनाव नजदीक है इसको देखते हुए छत्तीसगढ़ की जनता को इस बजट से काफी उम्मीदें थी कि बजट में कुछ खास होगा। युवाओं को काफी उम्मीद थी, परन्तु उन्हे भी निराशा हाथ आई। कुल मिलाकर बजट निराशाजनक है।
मनमोहन पात्रे
प्रदेश मीडिया प्रभारी
छत्तीसगढ़ ग्राम विकास एकता समिति
9926951382

