व्यापारी बंधुओं, छात्र, किसान, मजदूर, नौजवान एवं तमाम समाज के साथियों आप अवगत है कि चन्दूलाल चन्द्राकर मेडिकल कालेज अस्पताल के कर्मचारियों को बिना कारण बताओ नोटिस के काम से बैठा दिया गया है। जिसका मुख्य कारण अस्पताल को छत्तीसगढ़ सरकार ने अधिग्रहण कर लिया है जिसमें हम सभी कर्मचारियों का 5 महिनों से संघर्ष जारी है और हमारी माँग है कि अस्पताल शासकीय हो गया है तो हम कर्मचारियों को भी शासकीय करें। 2-2 बार के कोरोना काल में सेवा दिये है और आज हमें गन्ने की तरह रस निकालकर फेक दिया जा रहा है. 10 वर्षों से चन्दूलाल चन्द्राकर अस्पताल में सेवारत रहे है। प्रबंधक अपने करोड़ों के फायदे को देखते हुये सरकार को बेच दिया, यह अच्छी बात है कि निजीकरण से सरकारी हुआ, परंतु यह घोर निंदनीय है कि सरकार ने अस्पताल को लेने के लिये नया विधेयक बना दिया जिसमें लिखा है कि पूर्व के कर्मचारी नौकरी के लिये दावा नहीं कर सकते, जो लोकतंत्र एवं संवैधानिक मुल्यों पर हमला है। वर्तमान में कर्मचारियों का अस्पताल गेट के सामने कर्मिक भूख हड़ताल जारी है जिसमें कई ऐसे परिवार है जिनकी माली हालत दयनीय हो चुकी है। ऐसी परिस्थितियों में आपसे गुहार कर रहे है कि संघर्ष के लिये आर्थिक जरूरत है। आशा है कि आप स्वास्थय कर्मियों की गुहार को सुनकर संवेदना जताएगें और मदद करेगें। साथ ही शारीरिक और मानसिक मदद की भी जरूरत है ताकि सरकार को बाध्य कर सकें की कर्मचारियों को पुनः संविलियन करें। पुराने प्रबंधक ने गहरी साजिश करते हुये सितंबर में कर्मचारियों को मिठाई खिलाकर कहा कि अब सभी लोग सरकारी हो जाएगे, लेकिन देखते ही देखते यह मिठाई जहर में तब्दील हो गया, और हम सब को आज सड़क पर जुझना पड़ रहा है। पुर्ण आशा और विश्वास के साथ संघर्ष के लिये गुहार है, आप सभी हमें मदद करें।
विनीत : जन स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन, सी.सी. एम. मेडिकल कॉलेज, कचान्दुर

