नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव राष्ट्रीय काव्य प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ


नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव राष्ट्रीय काव्य प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ


   नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के तत्वाधान में राष्ट्रीय प्रतिभा प्रतियोगिता का 

प्रथम चरण का प्रतियोगिता सँख्या-1 का काव्य पाठ का आयोजन वर्चुअल माध्यम से
आयोजित हुआ। इस प्रतियोगिता में नृत्य, कला, काव्य पाठ, साहित्य, ड्राइंग, योग, रामायण, गीता, जैन ग्रंथ पाठ आदि शामिल हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में मांँ सरस्वती की वंदना निशी श्रीवास्तव के सुंदर आवाज से की गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता इस मंच के संस्थापक अध्यक्ष डाँ. सुरेश सिंह शौर्य “प्रियदर्शी” जी रहे। अमिता (छत्तीसगढ़) के मधुरतम संचालन से माहौल खुशनुमा बना रहा। आज काव्य पाठ में रचनाकारों की साहित्यिक न्यायाधिपति (जज) के रूप में ममता मनीष सिन्हा झारखंड से उपस्थित रही। इस मंच के राष्ट्रीय सहायक मीडिया प्रभारी के रूप में राम रतन श्रीवास बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से। प्रबंधन सुश्री नीतू सिंह कोलकाता का रहा।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न प्रांतों के सभी रचनाकारों के लिए अपनी प्रतिभा को निखारने एवं उचित मंच में प्रस्तुति देकर भारत को साहित्य जगत में परचम लहराना है। इसमें क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय चरण के माध्यम से आयोजित होंगे और प्रत्येक चरण के प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को अंत के पहले (सेमीफाइनल) में अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा और जो सेमीफाइनल में विजेता घोषित किए जाएंगे वे एवं अंतिम (फाइनल) में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रस्तुति देकर साहित्यिक जज के द्वारा दिए गए निर्णय पर विजेता घोषित किए जाएंगे।
साहित्यिक न्यायाधिपति (जज) का निर्णय सभी को मान्य होगा। अंतिम (फाइनल)
8 मार्च 2022 नई दिल्ली में आयोजित होगी। जिसमें मुख्य अतिथि के कर कमलों से विजेता को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह आदि प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक प्रतिभागी को प्रशस्ति पत्र देकर इस मंच के माध्यम से सम्मानित किया जाएगा। यदि वर्चुअल (आनलाईन) माध्यम से काव्य पाठ में शामिल होने पर ई प्रमाण पत्र /प्रशस्ति पत्र और प्रत्यक्ष (आँफलाइन) के माध्यम से होने पर कार्यक्रम में सभी प्रतिभागी को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
आज के काव्य पाठ प्रतिभागी के रूप में सुशीला सैनी- शीर्षक-“काश एक कमरा मेरा भी होता……पिता तेरे घर का एक कोना मेरा भी होता” एवं “बेटी” पर काव्य पाठ कर सभी को भाव विभोर कर दिया। कुमारी प्रियंका ने- “यूँ ही” काव्य पाठ की सुंदर प्रस्तुति की। निशि श्रीवास्तव- “सैनिकों” के ऊपर भाव विभोर बोलती रही जिससे लोगों में देशभक्ति प्रस्फुटित होने लगा। रंजना झा- “पलटवार” का पाठन किया। पवन वर्मा – जम्मू-कश्मीर से “मांँ मेरी मांँ” का बेहतरीन काव्यांजलि प्रस्तुत किया। राम रतन श्रीवास “राधे राधे” बिलासपुर (छत्तीसगढ़) मेरे देश के समस्या का समाधान चाहिए” का काव्यांजलि प्रस्तुत किया ।जतिन – “मेरे कागज को कर दे साफ” एवं “सीता के सतीत्व को प्रणाम” का काव्य पाठ किया ।रामसाय श्रीवास “राम” सक्ति (छत्तीसगढ़)- “जब तक जीवन है” से शानदार आगाज किया। बसंत कुमार श्रीवास नारायणपुर (छत्तीसगढ़) ने “जन्म भूमि अभिनंदन” से सभी देश वासियों को संदेश देने का काम किया। रविशंकर श्रीवास मस्तुरी(छत्तीसगढ़) के द्वारा “जलता हूँ दीप बनकर” का पाठन किया ।
इस मंच के अध्यक्ष डाँ. ‘प्रियदर्शी’ ने “दिल दरिया में दिल जलना ही था जला डाला” की बेहतरीन अंदाज में प्रस्तुत किया। मंच तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी। कार्यक्रम के अंत में साहित्यिक न्यायाधिपति (जज) ममता मनीषा सिन्हा जी ने “बसंत आगमन” पर समां बांधा और
प्रथम चरण का प्रतियोगिता संख्या-1 के विजेता घोषित किए गए जिनके नाम हैं- प्रथम- जतिन, द्वितीय- कुमारी प्रियंका, तृतीय- पवन वर्मा रहे। सभी शामिल हुए प्रतिभागी दूसरे चरण में प्रतिभागिता के योग्य पाए गए।
देश भर में अंतिम (फाइनल)
चरण में आने वाले प्रथम विजेता को टेब/पीसी पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया जाएगा एवं द्वितीय, तृतीय को अन्य उपहार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, राष्ट्रीय प्रतिभा रत्न सम्मान भी प्रदान किया जायेगा।
इसी के साथ अध्यक्ष महोदय ने सभी आगंतुक कवियों को प्रोत्साहन स्वरूप बधाई प्रेषित किया। संचालन कर रही अमिता जी ने सभा समापन की घोषणा खुशनुमा माहौल में किया ।

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