रायगढ़ मुनादी।
हिंडालको इंडस्ट्रीज को मिले दो कोल ब्लॉक गारे पेलमा 4/4 और 4/5 अंडर ग्राउंड कोल ब्लॉक माइनिंग के लिए मिली थी। अंडर ग्राउंड कोल ब्लॉक हिंडालको को काफी महंगा पड़ रहा है। मिल रही जानकारी के अनुसार कंपनी को दोगुने ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है इससे कंपनी को खासा नुकसान झेलना पड़ रहा है।
इसलिए कंपनी द्वारा ओपन कास्ट माइनिंग करना चाहती है इसे लेकर कंपनी की मांग पर एसडीएम घरघोड़ा के आदेश पर जनपद पंचायत घरघोड़ा द्वारा गारे पेलमा 4/4 और 4/5 कोल् ब्लॉक प्रभावित गाँव के ग्रामीणों से व्यपवर्तन के लिए वन भूमि के वनाधिकार पट्टा और वन भूमि पर ओपन माइनिंग करने के लिए ग्राम सभा कर वन अधिकार पट्टा हितग्राहियो की वन भूमि का ग्राम सभा कर पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। हलाकि ओपन कास्ट माइनिंग के लिए कार्रवाई के शुरू होते ही प्रभावित गाँव के ग्रामीणों द्वारा अपनी ओर से आरम्भिक आपत्ति दर्ज करा दी है।
बताया जा रहा है जैसे ही जनपद पंचायत द्वारा कोल ब्लॉक प्रभावित गाँव से सचिव को इस मामले में पत्र जारी कर ग्राम सभा का निर्देश दिया गया तो ग्रामीणों में हड़कम्प मच गया। दरअसल ओपन माइनिंग करने से अब जो जंगल बचा हुवा है सब कुछ तबाह और बर्बाद हो जायेगा यहाँ तक की दर्शनीय और प्रकृती का मुख्य आकर्षण पहाड़ तक समाप्त हो जाने की बात कही जा रही है।
इस जंगल हाथी जंगली सुअर हिरण खरगोश आदि पशु पक्षीयो का बसेरा बना हुवा है सब कुछ खत्म हो जाएगा और पूरा जंगल उजाड़ में तब्दील हो जाएगा।
आपको बता दें कि इसी जंगल के उपर एक तालाब है उस तालाब की पानी कभी नही सुखती जो एक आश्चर्यजनक है तथा देवी देवताओं का सिलाओ मे निसान होने से श्रद्धा से पूजन करते है यह पहाड ही देव स्थान के साथ साथ दर्शनीय स्थल भी है। यही मोरगा पाठ के नाम से पुरा जिला एव प्रदेश मे नाम है बडे दूर दूर से दशॅन हेतु आते है जिसका नामोनिशान समाप्त हो जायेगा।
इसी तालाब पर जंगल के वन्य भी आश्रित रहते हैं। इस जंगल पर पुरे क्षेत्र के ग्रामीण आश्रित है यहा से तेन्दू चार महुवा आदि वनोपज प्राप्त करते है और आजीविका का एक बड़ा साधन है जो पूरी तरह से खत्म हो जायेगा। इस जंगल के खत्म होने से यहाँ बची खुची आदिवासी संस्कृति भी इसी राख की ढेर में हमेशा हमेशा के लिए खत्म हो जायेगी।

