रायपुर। छत्तीसगढ़ का मुस्लिम समाज बहुतायत में कांग्रेस पार्टी का समर्थक रहा है और चुनावों में मुस्लिम कार्यकर्ता वफादारी और निष्ठा के साथ पार्टी के उम्मीदवारों को जिताने के जमकर पसीना बहाते रहे हैं। कांग्रेस से जुड़े होने के कारण लोंगो में पार्टी नेतृत्व और नेताओ से अपेक्षा भी रहती है। लगभग तीन साल पहले जब राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी मुस्लिम समाज को लगा कि अब उन्हें राज्य सरकार में प्रतिनिधित्व मिलेगा और वे सरकार के माध्यम से समाज के कल्याण के कुछ कार्य करने के साथ अपनी समस्याओं का समाधान भी निकाल सकेंगे। लोगों को उम्मीद थी कि सरकार बनने पर इस संबंध में मुस्लिम समाज का प्रतिनिधि मंडल सीएम भूपेश बघेल से मिलने की तैयारी कर रहे है. वही सामाजिक स्तर पर इसे लेकर रूपरेखा तैयार की जा रही है.
कांग्रेस के लिए समर्पित ऐसे कई कार्यकर्ता हैं जिन्हे
हज बोर्ड/मदरसा बोर्ड/ उर्दू अकादमी/ वक्फ बोर्ड मे
चेयरमेन बनाया जा सकता है ऐसे लोगों में बदरुद्दीन कुरैशी, सलाम रिजवी,शेख इमरान प्रदेश महासचिव व्यापार प्रकोष्ठ,शेख नाजीमुद्दीन, शेख निजामुद्दीन, मोहम्मद ताहीर, सैयद जाकिर अली वरिष्ठ अधिवक्ता, इदरीश गांधी, मोहम्मद सिराज, मोहम्मद सद्दाम, मुश्ताक खोखर, मोहम्मद सिददीक, शकील खान रिजवी, अनवर हुसैन, नौमान अकरम हामिद, मोहम्मद अशरफ हुसैन, मोहम्मद असलम, मोहम्मद अंसार, जलील कबीर, अब्दुल वहीद, पप्पी सेठी, शेख वलीउल्लाह, शेख मुशीर, जावेद रजा, मुबारक खान गोरी, अजिज भिंसरा, मुजफ्फर गुड्डू, अलीम अंसारी, सगीर सिद्दीकी, मोहम्मद इमरान, हाजी अखलाक खान(कोरबा), अनवर खान(जगदलपुर), वहीद भाई, शेख अय्युब(बिलासपुर), नसीम खान, रफीक खान(भिलाई), शकील रिजवी(दंतेवाड़ा), इरफान मेमन(केशकाल) समेत छत्तीसगढ़ के हर शहर में कांग्रेस के समर्पित मुस्लिम कार्यकर्ता हैं जिन्हें नुमाइन्दगी सौंपी जा सकती है।

