पिछले कुछ दशकों से राज्य को सबसे ज्यादा दंश देने वाले पलायन का सिलसिला शुरू हो गया है। पटेवा पुलिस ने एन एच 53 पर 130 मजदूरों को यूपी ले जा रही एक बस को पकड़ा है। सभी मजदूर पिथौरा, पटेवा, खट्टा, जलकी आदि गांवों के रहने वाले हैं। इन्हें मजदूर दलाल 20 हजार से 1 लाख रुपये तक एडवांस देकर अपने साथ यूपी ले जा रहे थे। बस में सवार मजदूरों ने दलाल का नाम जेके गुप्ता और नन्दू महंती बताया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने श्रम विभाग को सूचना दे दी है। पलायन कराकर मजदूरों को ले जा रही बस को जब पुलिस ने रोका तो देखा कि मां-के साथ उनके छोटे-छोटे बच्चे भी थे। इसका मतलब यह हुआ कि बच्चों की पढ़ाई का उन्हें कोई खयाल नहीं है। पलायन रोकने के लिए राज्य सरकारों ने पिछले दो दशकों में कई उपाय किए। लेकिन राज्य से पलायन का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है। आश्चर्य का विषय ये है कि अब तक धान कटाई, मिसाई और फिर उसे बेचने के बाद ही मजदूरों के पलायन का क्रम शुरू हुवा करता था। लेकिन इसके विपरीत इस बार इतनी जल्दी पलायन काफ़ी चिंता की बात है।
महासमुंद पटेवा छेत्र के आस पास पलायन का सिलसिला पटेवा पुलिस ने 130 मजदूरों को यूपी ले जा रही बस को पकड़ा

