भगवान को पाने के लिए माता पिता की सेवा करना मानव का पहला धर्म -विनोद गोस्वामी
रायपुर/कोरोना महामारी में हुई असामयिक मृत्यु को प्राप्त हुई आत्माओं की पितृपक्ष में शांति हेतु भनपुरी पाटीदार भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत जी के तृतीय दिवस में कथावाचक विनोद गोस्वामी ने कहा कि संसार में माता-पिता से बढ़कर और कोई नहीं हो सकता इस संसार में जो माता पिता की सेवा कर ली वह मानव जीवन का चारों धाम कर लिया वहीं उन्होंने कहा कि जो मानव अपने माता पिता को कष्ट दिया वह मानव संसार में कभी सुखी नहीं हो सकता
उन्होंने आगे कहा कि माता पिता को प्रथम पूज्य मान ही कहा गया कि इनके पूजने से इनकी कृपा से सब पापों का नाश होता है,धर्मानुसार भी माता को प्रथम गुरु कहा गया है,।जीवन मे माता पिता को कभी दुख नही देना चाहिये।इनके आशीष से ही कुल की व्रद्धि होती है।
कथा प्रारम्भ में विधायक सत्यनारायण शर्मा ने व्यास पीठ का पुजन किया ,कथा सुनने आसपास के भक्तजन बढ़ी संख्या में उपस्थित हो रहे हैं।

