खबर से बौखलाए थाना प्रभारी ने सुनियोजित तरीके से पत्रकार के खिलाफ किया भयादोहन का अपराध दर्ज, पत्रकारों में रोष व्याप्त, न्याय नही मिला तो सदभाव पत्रकार संघ छत्तीसगढ़ करेगा उग्र आंदोलन- आर डी गुप्ता

खबर से बौखलाए थाना प्रभारी ने सुनियोजित तरीके से पत्रकार के खिलाफ किया भयादोहन का अपराध दर्ज, पत्रकारों में रोष व्याप्त, न्याय नही मिला तो सदभाव पत्रकार संघ छत्तीसगढ़ करेगा उग्र आंदोलन- आर डी गुप्ता

कोरबा/ पसान:- यूं तो पुलिस का काम कानून व लोक व्यवस्था को कायम रखना एवं अपराध नियंत्रण व निवारण तथा आम जनता से प्राप्त शिकायतों पर उचित, निष्पक्ष जांच कर निस्तारण करना है। इसके अलावा समाज के समस्त वर्गों में सद्भाव बनाए रखने हेतु आवश्यक प्रबंध करना है। लेकिन तब क्या हो जब अपने कारगुजारी की खबर से बौखलाए एक थाना प्रभारी बतौर उप निरीक्षक द्वारा सुनियोजित तरीके से एक पत्रकार पर ही एफआईआर कर दिया जाए। ऐसा ही घटना पसान थाना प्रभारी द्वारा किया गया है।

जिले के पसान थाना में इन दिनों उप निरीक्षक प्रहलाद राठौर को बतौर थाना इंचार्ज के रूप में पदस्थ किया गया है। जहां उनके थाना पसान का चार्ज लेने के साथ ही इस थानांतर्गत अनेक अवैध समाज विरोधी कार्यों का संचालन बेखौफ प्रारंभ हो गया है, और अवैध महुआ शराब, गांजा, जुआ, कबाड़, सहित अन्य अनैतिक कार्य सिर चढ़कर बोलने लगा है। बीते दिनों क्षेत्र के एक दैनिक अखबार के पत्रकार रितेश गुप्ता ने अवैध रेत परिवहन होने से संबंधित समाचार अपने अखबार के माध्यम से प्रकाशित किया था। जिस खबर को लेकर थाना प्रभारी ( उप निरीक्षक) श्री राठौर ऐसा बौखलाए कि उन्होंने उक्त पत्रकार को झूठे मामले में फसाने की ठान ली और साम- दाम की नीति अपना भयादोहन का एक अपराध अपने थाने के रोजनामचे में दर्ज कर डाला। लेकिन साहब को बौखलाहट में यह याद नही रहा कि शासन के निर्देशानुसार किसी पत्रकार के खिलाफ यदि कोई शिकायत मिलता है तो प्रथम उस मामले में निष्पक्ष जांच किया जाना आवश्यक है, जिसके बाद अपराध दर्ज किया जाना है। लेकिन शायद पसान थाना प्रभारी, उप निरीक्षक साहब अपने आप को राज्य शासन से ऊपर समझते है इसीलिए अपने मन की मनमानी कर डाली। लगता है जिला पुलिस प्रशासन का भी लगाम इस एसआई पर नही है, तभी तो अनेकों दो नम्बरी कार्यों के संचालन की गतिविधियां पसान थानांतर्गत बेखौफ चल रहा है। जिस अवैध मामले को खबर के माध्यम से उजागर किया जाना स्थानीय पत्रकार को भारी पड़ गया। बता दें कि एसआई प्रहलाद राठौर अपने मनमानी कार्यशैली एवं अवैध कार्यों के संचालन को लेकर पसान थाना क्षेत्र में काफी चर्चित है, जो अपनी करतूतों से जिला पुलिस प्रशासन की छवि को धूमिल करने में तुले हुए है। एक ओर वर्तमान पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल द्वारा सभी थाना- चौंकियों प्रभारियों को जनता के साथ दोस्ताना व्यवहार तथा अवैध कार्यों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए है। किंतु पसान थाना प्रभारी उन निर्देशों के विपरीत कार्य करते हुए पुलिस एवं वर्दी को बदनाम करने में लगे हुए है। यदि यही हाल रहा तो पुलिस के अच्छे कार्यों की चर्चा कम और बुरे कार्यों की चर्चा आने वाले दिनों में जगह- जगह रहेगा। जिला पुलिस अधीक्षक अपने ऐसे बेलगाम पुलिस पर लगाम लगाए, साथ ही उन्हें अनुशासन सिखाने के अलावा निर्देशित करें कि जनता में पुलिसिया व्यवहार कायम करें न कि पुलिस वाला गुंडे जैसा व्यवहार।

पसान थाना प्रभारी के कार्य रवैये को लेकर पत्रकार संघ ने की निंदा
ग्रामीण पसान पत्रकार रितेश गुप्ता पर थाना प्रभारी प्रहलाद राठौर द्वारा किये गए सुनियोजित भयादोहन जैसे अपराध दर्ज को लेकर सदभाव पत्रकार संघ छत्तीसगढ़ ने थाना प्रभारी के इस कृत्य को लेकर निंदा की है, साथ ही संघ के प्रदेशाध्यक्ष आर डी गुप्ता ने कहा है कि यह वर्दी की आड़ में ओझी मानसिकता का परिचायक है। तथा पत्रकार के ऊपर बिना किसी जांच कार्यवाही के सीधे तौर पर अपराध दर्ज किया जाना सोची- समझी कार्यवाही एवं वर्दी की रौब की ओर सीधे तौर पर इशारा करता है। चूंकि ग्रामीण पत्रकार हर पहलू से जूझते हुए समाचार संकलन कर उसे खबर के माध्यम से समाज के सामने लाकर दर्पणरूपी कार्य करते है। किंतु इस तरह का कार्यवाही उनके मनोबल को तोड़ने जैसा कार्य करता है जो अनुचित है। श्री गुप्ता ने कहा है कि इस मामले में पीड़ित पत्रकार का पक्ष लेकर कोरबा एसपी से भेंट किया जाएगा। तथा संघ पत्रकार हित को लेकर सदा उनके साथ खड़ा है, व समय आने पर पत्रकार हित के लिए संघर्ष भी करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *