भाजपा छत्तीसगढ़ प्रभारी डी पुरंदेश्वरी देवी की मानसिक बीमारी का इलाज कराए-राजेन्द्र बंजारे कांग्रेस प्रदेश सचिव। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव एवम रायपुर विकास प्राधिकरण के संचालक राजेन्द्र पप्पू बंजारे ने छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी देवी की उस बयान की कड़े शब्दों में निंदा किये, जिसमे डी पुरंदेश्वरी देवी द्वारा यह कहा गया कि भाजपा के कार्यकर्ता पीछे मुड़कर थूकेंगे तो थूक से मुख्यमंत्री एवम पूरे मंत्रिमंडल बह जायेंगे ऐसे स्तरहीन शब्दो का इस्तेमाल किया गया है,इस तरह स्तरहीन बयान सिर्फ और सिर्फ भाजपा के संस्कार एवम डीएनए में ही हो सकता है। कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने आगे कहा कि कहीं डी पुरंदेश्वरी देवी का मानसिक संतुलन बिगड़ तो नही गया है, अगर ऐसा है तो छत्तीसगढ़ की भाजपा नेता उनका अच्छे से हॉस्पिटल में इलाज कराए जिसका पूरा खर्च मेरे द्वारा भुगतान किया जाएगा। कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश मे किस तरह सभी आवश्यक चीजों में महगाई दिनों दिन बढ़ती जा रही है इस पर भाजपा चिंता करने के बजाय बस्तर में भाजपा के द्वारा चिंतन शिविर में सत्ता प्राप्ति के लिए नाटक नोटंकी किया जा रहा है जिसे छत्तीसगढ़ की जनता भली भांति जानती है और,समझती भी है। केंद्र की सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के किसानों को,आम नागरिकों कोअनुसूचित जाति एवम जनजातियों को, किस तरह राहत मिले इस पर चिंता करने के बजाय भाजपा छत्तीसगढ़ में सत्ता वापसी के लिए तड़फ रही है, बस्तर में आदिवासी समाज भाजपा को नकार चुकी है आरएसएस भाजपा हमेशा से अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के विरोधी रहे है चाहे एट्रोसिटी एक्ट को कमजोर करने की बात हो, चाहे एससी,एसटी के आरक्षण कटौती की बात हो भाजपा आरएसएस का एससी,एसटी विरोधी चेहरा समय-समय पर सामने आ चुकी है। पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र बंजारे ने आगे कहा कि बतौर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 32 महीने पूरे कर लिए हैं. इन 32 महीनों में भूपेश सरकार ने कई बड़े काम किए हैं. लेकिन उनके कार्यकाल के 32 महीने में चर्चा 32 बड़े कार्यों की. चर्चा उन योजनाओं की जो कि राज्य के साथ देश भर में चर्चित रहीं है. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही उन्होंने एक के बाद एक कई बड़े फैसले लेकर यह साफ कर दिया था कि राज्य में कांग्रेस सरकार की प्राथमिकता क्या होगी. करीब 3 साल के कार्यकाल को देखे तो यह साफ दिखता है कि भूपेश सरकार ने गाँव, गरीब, किसान, आदिवासी हितों को ही केंद्र बिंदु में रखा है. सरकार ने योजनाएं भी ऐसी ही तैयार की जिससे कि गाँवों का विकास, ग्रामीणों का विकास, आदिवासियों का विकास प्राथमिकता के साथ हो सके. और आज ऐसा होता हुआ दिख भी रहा है.
छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेस सरकार ने जिन योजनाओं के साथ ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ का नारा दिया. आज उन योजनाओं के ही बदौलत ‘नवा छत्तीसगढ़’ गढ़ा जा रहा है. फिर चाहे वह किसानों के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना हो, या ग्रामीणों और महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए नरवा-गरवा, घुरवा-बारी या गोधन न्याय योजना हो. इसके साथ ही आदिवासियों की जमीन वापसी, वन अधिकार पट्टा, समुदाय को वन प्रबंधन का अधिकार, आदिवासी जिलों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी में सीधी भर्ती, तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य 4 हजार, छत्तीसगढ़ी संस्कृति और भाषा का उत्थान, राज्य का अपना राजगीत जैसे काम शामिल हैं।
भाजपा छत्तीसगढ़ प्रभारी डी पुरंदेश्वरी देवी की मानसिक बीमारी का इलाज कराए-राजेन्द्र बंजारे कांग्रेस प्रदेश सचिव।

