मोवा स्थित विवादित जमीन पर आसिफ मेमन का क्या कहना है

मोवा स्थित विवादित जमीन पर आसिफ मेमन का क्या कहना है

विगत दिनों मोवा स्थित एक भूमि पर मेरे विरुद्ध कोर्ट से आए स्टे और उसके बाद इस स्टे से जुड़ी खबर को क्रमशः एक एक दिन की आड़ में अखबारों में प्रायोजित तरीके से छपवाने के सम्बंध में तथा इस पूरे एपिसोड के बाद आज दिनांक 16/8/2021 को सोशल मीडिया में मेरे विरुद्ध पुनः धमकी चमकी इत्यादि के सम्बंध में चलाई गई खबरो के सम्बंध में मैं अपने से जुड़े लोगो के बीच स्थिति स्पष्ट करना जरुरी समझता हूँ।

स्टे से सम्बंधित विंडमिल स्थित वही जमीन है जिसपर नूर बेगम,शहजादी बेगम,तांत्रिक दादून शाह के विरुध्द थाना पंडरी में आज से लगभग 2 वर्ष पूर्व 420-384-34 के तहत जुर्म पंजीबद्ध हुआ था।यह प्रकरण न्यायलय में है।।

नूर बेगम और मेरे बीच की कानूनी लड़ाई की वजह अमानत में खयानत का मामला है।

मैंने कभी नूर बेगम से एक इंच भूमि नही खरीदी है बल्कि जिस भूमि पर नूर बेगम ने चेक बाउंस और कोर्ट से स्टे हासिल किया है वह भूमि भी नूर बेगम की नही अपितु मेरी अपनी भूमि है जिसे मैंने 2017 को इनके परिवार में हुए बंटवारे के दौरान परिवार के ही एक पक्ष से अमानत के तौर पर नूर बेगम के पास रखवाया था।पारिवारिक बंटवारे में नूर बेगम के हक में जितनी जमीनें आनी थी उससे 4 गुना अधिक जमीनें नूर के पास आई यह तथ्य भी बंटवारानामा में स्पष्ट उल्लेखित है।

मोवा व्हीआईपी स्टेट ऐश्वर्या विंडमिल क्षेत्र की कोर्ट से हाल में नूर को मिले स्टे वाली जमीन के अतिरिक्त मोवा क्षेत्र में ही और जमीनें है जो मेरे द्वारा नूर बेगम के पास अमानत स्वरूप पर रखी गई थी।यह स्पष्ट कर दु की उपरोक्त सभी जमीनें बेनामी नही है तत्कालीन परिस्थिति ऐसी थी कि मेरे पास नूर बेगम के पास जमीनें रखवाने के अलावा और कोई विकल्प नही था लेकिन इस बात के प्रमाण भी है कि उपरोक्त जमीनें मेरी हैं मेरे द्वारा रखवाई गई है और साथ के लोग ही नही बल्कि इस सम्बंध में अनेक शिकायते आने के चलते पुलिस भी इस बात को भली भांति जानती है।

इस पूरे मामले में कोर्ट से स्टे प्राप्त करने वाली नूर बेगम एक मोहरा मात्र है 2018 तक मेरा काम देखने वाला एक युवक व एक तांत्रिक नूर बेगम को उकसा कर उक्त सम्पत्ति स्वयं हासिल करना चाहते है और उन्ही के इशारे पर नूर बेगम चल रही है।

मैं किसी की जमीन लूं उसे पैसे ना दुं और धमकाउं मुझ पर इस तरह के आरोप खड़े करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रत्यक्ष रुप से जो दिखाई दे रहा है यह सही है कि नूर बेगम से मैंने जमीन खरीदी और उसके पैसे नही दिए पर सनद रहे कि यह अमानती जमीन है, नूर के पास अमानत में रखी जमीन है।व्यवहारिक पक्ष यह है कि यह नूर से खरीदी गई जमीन नही है।

अमानत रखते समय ग्यारेन्टी में नूर बेगम और उसके साथी दादून ने धर्म ग्रन्थ की कसम खाई थी एक सूफी संत का भी हवाला दिया था।

नूर बेगम सामने आये और कह दे कि उपरोक्त भूमि आसिफ मेमन द्वारा अमानत में नही रखवाई गई थी तो मैं उस पर अपना दावा छोड़ दूंगा।

दरअसल प्रकरण कुछ और है और इसे अलग तरह से बताने की कोशिश की जा रही है जिससे कि मेरी छवि पर असर पड़े।
नूर बेगम और उसे उकसाने वाले पुलिस में पचास और झूठी शिकायतें करें उनका स्वागत है लेकिन इसका यह मतलब नही की इन झूठी शिकायतों के चलते वो मेरी जमीनें दबा लेंगे।बल्कि एक इंच जमीन भी नही दबा सकते ना ही आनन फानन में किसी को कम दामो में बेच सकते है।

मैंने अपनी चीजें हासिल करने कभी जोर जबरदस्ती नही की। कानून के अलावा कोई और रास्ता नही अपनाया बस इसी बात को मेरी कमजोरी मानकर यह लोग मेरे खिलाफ लगातार अखबारों , न्यूज पोर्टल्स में खबरें बनवाकर मुझे उकसाने का प्रयास कर रहे हैं।।

नूर बेगम इस प्रयास में है कि विंडमिल स्थित जो जमीन मैं ले चुका येनकेन उसकी रजिस्ट्री रद्द करवा सके लेकिन मेरा प्रयास एक एक इंच अमानती जमीनो को हासिल करने की दिशा में है और पूरा विश्वास है कि एक दिन जरूर हासिल कर लूंगा

मैं अपने सभी प्यारे दोस्तों, छोटे भाइयों,परिचितों शुभ चिंतकों, मुझे प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष जानने वाले लोगों से यही आग्रह करना चाहता हूँ की जमीन सम्बंधी मामले को लेकर मेरे विरुद्ध आ रही किसी खबर को पढ़कर मुझको लेकर कोई गलत राय ना बनाये जो साथी इस पूरे मामले को पहले दिन से जान रहे हैं,मुझको लेकर चिंतित है उनसे भी यह कहना चाहता हूँ कि चिंता ना करें सत्य परेशान हो सकता है किंतु पराजित नही।

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