दिवंगत पंचायत शिक्षक अनुकंपा संघ नियुक्ति की मांग के लिए आंदोलन जारी वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका मिश्रा का समर्थन

दिवंगत पंचायत शिक्षक अनुकंपा संघ नियुक्ति की मांग के लिए आंदोलन जारी वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका मिश्रा का समर्थन

प्रियंका मिश्रा जी का कहना है कि जब मामला 2006 से पेंडिंग है बीजेपी की सरकार और कांग्रेस की सरकार ने शिक्षक परिवारों के साथ छल किया है यह वही शिक्षक हैं जिनके नाम से विश्व गुरु बनाने का दम भर्ती है राजनीतिक दल शिक्षक का परिवार सड़कों पर हैं कितनी शर्म की बात है यह वह महिलाएं हैं जो अपने अधिकार के लिए आज 18 दिन भी आंदोलन कर रही हैं और किसी भी महिला का उत्साह कम नहीं हुआ वास्तव में यह तीसरी सदी का भारत है यह रानी लक्ष्मीबाई का भारत है यहां पर कोई भी नारी हार नहीं मानती अपने अधिकार के लिए सतत प्रयत्न करती है आज 18 दिन होने के बाद भी कोई भी जवाबदार व्यक्ति इन बहनों की लेने नहीं आया ना ही इनसे कोई भी बात करना मुनासिब समझ रहा है यहां तक कि महिला आयोग की अध्यक्षा किरणमई नायक भी बताओ और महिला महिला की वेदना सुनने नहीं आई
अनु अरुण सिंह जी का कहना है कि जंग के आगे जीत है यह महिलाएं जो अपने अधिकारों के लिए जंग लड़ रही हैं हम इनके साथ हैं हर घड़ी हर वक्त हर संभव हम इनका साथ देंगे इनको हम अकेला नहीं छोड़ेंगे सरकारों ने तो अकेला छोड़ दिया लेकिन हम नारी हैं और नारी के अधिकार के लिए इनके साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए हम इनके साथ हैं और इनकी जो समस्या है वह हमारी समस्या है
आंदोलन का नेतृत्व कर रही माधुरी ब्रीकेजी का कहना है कि हम यहां से नौकरी लेकर जाएंगे या जीवन लीला समाप्त करके जाएंगे क्योंकि हमारी माली हालत इतनी खराब है ना हमारे पास रहने के लिए घर है ना बच्चों को पढ़ाने के लिए पैसे हैं ना खाने के लिए पर्याप्त राशन है हमको तो मरना ही है तो बेहतर है कि हम अब घर में मरने से अच्छा है सरकार के सामने मौत होगी तब तो शायद कोई दूसरी महिलाओं के साथ इस तरह का सरकार सौतेला व्यवहार तो नहीं करेगी

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