दिनाँक-02/08/21
आम आदमी पार्टीबस्तर,छत्तीसगढ़।
नक्सल समस्या हल करने की बजाए आँकड़ों के खेल और आरोप प्रत्यारोप में उलझी मोदी और भूपेश सरकार–तरुणा साबे बेदरकर
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष तरुणा साबे बेदरकर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए नक्सल समस्या और शराबबंदी पर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा।
तरुणा ने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार ने राज्य में विगत तीन वर्षों में नक्सल वारदातों की संख्या और उन वारदातों में मारे जाने वाले अनगिनत निर्दोष नागरिकों की संख्या के आँकड़े जारी किए हैं जिस पर राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू जी का बयान आया है कि केंद्र सरकार ने जब आंकड़े जुटा लिया है तो अब समस्या का समाधान निकाले।गृहमंत्री का बयान दुर्भाग्य जनक है।एक ओर निर्दोष आदिवासी नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच पिसकर मारे जा रहे हैं तो दूसरी ओर केंद्र और राज्य सरकार आंकड़ों और आरोप प्रत्यारोप पर उलझे हुए हैं।नक्सल समस्या को हल करना केंद्र और राज्य दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है जिससे वे भाग नहीँ सकते।ताम्रध्वज जी के पास भी 15साल की रमन सरकार के भी आँकड़े होंगे, उन्हें वो भी निकल लें और केंद्र सरकार से भिड़ जाएँ और यह राजनीतिक नूराकुश्ती चलने दें इसी तरह की नूराकुश्ती से नक्सल समस्या का हल अनंतकाल में जरूर निकल जाएगा।
कल ही विधानसभा में प्रदेश में शराबबंदी पर अशासकीय संकल्प प्रचंड बहुमत से ध्वस्त हो गया जिस पर तरुणा ने कहा कि एक तो यह संकल्प मात्र था वह भी अशासकीय इसके बावजूद सत्तापक्ष के विधायकों में इतना नैतिक साहस नहीं था कि वे संकल्प प्रस्ताव का समर्थन कर सकें।बाद में जनता के बीच गलत संदेश न जाए यह सोचकर सोशल मीडिया के माध्यम से यह अफवाह फैला दी गई कि राज्य में जनवरी 2022से शराबबंदी लागू हो जाएगी।जिस पार्टी में संकल्प पारित करने का साहस भी न हो उनके इस अफवाह पर जनता कभी भरोसा नहीं करेगी।
आप मीडिया सेल
जिला बस्तर,छत्तीसगढ़

