प्रदेश कांग्रेस कमिटी अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष सकलैन कामदार ने शहीद विद्याचरण शुक्ल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की उन्होंने कहा विद्याचरण जी बहोत ही कद्दावर नेता रहे उनसे हमे बहोत कुछ सीखने मिला।
1957 मे पहली बार महासमुंद से लोकसभा चुनाव जीते और सबसे युवा सांसद बने। वे रिकॉर्ड नौ बार लोकसभा के सांसद रहे। 1966 मे पहली बार इंदिरा गाँधी कैबिनेट में शामिल हुए ।
राजनीतिक सफर के दौरान उन्हें कई बेहद महत्त्वपूर्ण मंत्रालय मिले जैसे दूरसंचार, गृह, रक्षा, वित्त, योजना, सूचना एवं प्रसारण, विदेश, संसदीय, जल संसाधन.
26 मई, 2013 को कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ पर नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था शुक्ल को गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनका दुखद निधन हो गया था।
प्रदेश कांग्रेस कमिटी अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष सकलैन कामदार ने शहीद विद्याचरण शुक्ल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की

