कमल वाले कलम की आवाज से डरते है-राजेन्द्र बंजारे कांग्रेस प्रदेश सचिव

कमल वाले कलम की आवाज से डरते है-राजेन्द्र बंजारे कांग्रेस प्रदेश सचिव

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव एवम रायपुर विकास प्राधिकरण के संचालक राजेन्द्र पप्पू बंजारे ने दैनिक भास्कर समूह के यहां छापे पर भाजपा वाली मोदी सरकार की निंदा करते हुए कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान सरकारी खामियों की असल तस्वीर दिखाने वाले दैनिक भास्कर ग्रुप पर इनकम टैक्स की रेड को लेकर जनाक्रोश भड़क उठा है। करोड़ों देशवासियों ने दैनिक भास्कर के साथ खड़े होने का ऐलान कर दिया है।
”दैनिक भास्कर मीडिया ग्रुप व भारत समाचार चैनल पर आयकर की जबर्दस्त छापेमारी प्रथम दृष्ट्या द्वेषपूर्ण कार्रवाई लगती है जो सच दिखाता है उसे CBI, ED, IT से डराया जाता है सच की स्याही से सरकारों के भ्रष्टाचार, कोरोना कुप्रबंधन, बदइंतजामी से हुए नरसंहार, झूठे दावे, हवाहवाई घोषणाओं की पोल खोलने वाले मीडिया संस्थान दैनिक भास्कर, भारत समाचार के ठिकानों पर देशव्यापी इनकम टैक्स के छापे निंदनीय है,ये हिटलरशाही है, चौथे स्तंभ पर हमला है। देश को एकसाथ आना होगा। वरना लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। सबको स्वतंत्र प्रेस के साथ खड़ा होना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने कहा कि दैनिक भास्कर’ और ‘भारत समाचार’ के दफ़्तरों पर इंकम टैक्स के छापों की क्रॉनॉलॉजी को देश अच्छी तरह समझ रहा है। ये छापे सरकार की हताशा, बेशर्मी और कायरता को दर्शाते हैं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चंद आख़िरी क़िले बचे हैं, उन्हें भी ध्वस्त कर एकछत्र राज स्थापित करने की कोशिश।
रायपुर विकास प्राधिकरण के संचालक राजेन्द्र बंजारे ने कहा कि सरकार सच की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस इसके खिलाफ खड़ी है। ‘प्रिय पत्रकार साथियों, आयकर विभाग का छापा आपकी सच्ची पत्रकारिता के लिये सरकारी प्रमाण पत्र है। हिम्मत मत हारियेगा, पाठकों और दर्शकों की नज़र में आपका सम्मान बढ़ रहा है। ‘कमल’ वाले ‘कलम’ वालों से डरते हैं, दैनिक भास्कर के कार्यालयों पर छापेमारी लोकतंत्र पर हमला है। सरकार जो छापेमारी कर रही है ये निंदनीय है। लोकतंत्र के लिए खतरा है। ये आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।, ये फांसीवादी सरकार चल रही है। इस सरकार में सच की आवाज मजबूती के साथ उठाने वालों को इसी तरह से परेशान किया जाता है। ‘दैनिक भास्कर’ ने गंगा में लाशों का सच उजागर किया। बेरोजगारों की आवाज उठाई, पंचायत चुनाव में सरकार की दबंगाई का सच सबके सामने रखा।
सरकार की कमियों को उजागर करने वाले दैनिक भास्कर की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। जनता जान रही है कि जो इनके इशारे पर नहीं चलेगा उसे ये दबाने की कोशिश करेंगे। जनता इसका जवाब देगी। समाचार पत्रों पर कार्रवाई करने से बेहतर है युवाओं को रोजगार दें। सच की आवाज उठाने वाले दैनिक भास्कर के साथ देश की जनता है। दैनिक भास्कर को पढ़कर मुझे सच का पता चलता है।सच्चाई उजागर करने की सजा मिली है।, हद है, यह तो वही बात हुई कि खाता न बही, भाजपा जो कहे वही सही। निर्भीक, निष्पक्ष और जन-जन की आवाज दैनिक भास्कर के पत्रकारिता के जज्बे को मैं सलाम करता हूं। भाजपा जो कुछ कर रही है वह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *