लेखपाल भर्ती में एस .सी. / एस.टी./ ओ.बी.सी वर्ग के साथ अन्याय ,संविधानिक अधिकार का हनन आरक्षण को प्रभावहीन करने का रचा सड्यंत्र। परमानंद जांगड़े

💥लेखपाल भर्ती में एस .सी. / एस.टी./ ओ.बी.सी वर्ग के साथ अन्याय ,संविधानिक अधिकार का हनन आरक्षण को प्रभावहीन करने का रचा सड्यंत्र। परमानंद जांगड़े

· 💥परमानंद जांगडे ने राज्यपाल मुख्यमंत्री मंत्री ,मुख्य सचिव से सूक्ष्म जाँच कराकर भर्ती निरस्त करने की मांग |
नगरीय प्रशासन विभाग में लेखापाल भर्ती में कुल 103 रिक्त पद की भर्ती में एस .सी. / एस.टी./ ओ.बी.सी वर्ग को आरक्षण से वंचित रखने का मामला सामने आया है ,उक्त भर्ती में आरक्षण नियम को प्रभावहीन करने का आरोप श्री जांगडे ने लगाया है | भर्ती प्रक्रिया भ्रस्टाचार से ओत प्रोत ,भारी गडबड झाला से ग्रषित समाजिक न्याय के विरुद्ध करार दिया है।
भर्ती प्रक्रिया से उक्त वर्गो में काफी असंतोष व्याप्त हुआ है , चुकी कांग्रेश की सरकार आरक्षण के विरोध के कभी पक्षधर नही देखा गया था।उक्त वर्गो का पार्टी के निती रीती पर काफ़ी भरोशा रहा है हाल में पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने तथा आरक्षण कटोती के मांग पर 1 प्रतिशत एस.सी वर्ग का आरक्षण को वापस दिलाने का साहसिक फैशला का स्वागत बड़ी जोर शोर से हुई थी , जिस पर पलीता लगाने में कोई कसर नही छोड़ते हुए तत्कालीन अधिकारी श्री निरंजन दास संचालक नगरीय प्रशासन विभाग छ.ग. ने जो की भाजपा शासन काल में उक्त भर्ती प्रक्रिया को अंजाम दिया गया था ,तथा तत्कालीन कांग्रेश सरकार में उक्त भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप देते हुये नियुक्ती प्रक्रिया को हरी झंडी दिखाकर, भाजपा की विवादास्पद भर्ती को नगरीय प्रशासन विभाग हरी झंडा दिखाकर कांग्रेश सरकार विवादों में ला खड़ा कर दिया है। जिसके लिए कांग्रेश सरकार में नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी भी जाँच के घेरे में आ गयी है ,उक्त फैसले सरकार के रिती निति पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है अधिकारियो का गडबड झाला का खामियाजा दोनों दल भाजपा कांग्रेश के माथे पर लग गया है, अधिकारी तो मनमानी कर निकल गये है ,लेकिन जवाब दोनों सरकार के उपर आ गया है | बहरहाल भूपेश सरकार उक्त भर्ती पर क्या कार्यवाही करेगी सबका नजर बना हुवा है |

मामला का संक्षिप्त विवरण :- लेखापाल भर्ती प्रक्रिया का है जो 2018-19 में तत्कालीन भाजपा सरकार में नगरीय प्रशासन विभाग विज्ञापन जारी कर भर्ती चयन प्रक्रिया को आगे बड़ाया था ,चुकी राज्य में विधान सभा चुनाव के बाद कांग्रेश की सरकार बनी ,उक्त चयन प्रक्रिया पर वर्तमान नगरीय प्रशासन विभाग रोक लगाई थी किन्तु कुछ माह रोक के बाद चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप देते हुए हरी झंडी दे दी गयी ,जिनके कारण कांग्रेश सरकार भी सवालों के घेरे में आ गयी , बहरहाल कांग्रेश की पूर्वर्ती जोगी सरकार में उक्त विभाग में ही लेखापाल भर्ती में आरक्षण नियमो का पालन करते हुए भर्ती प्रक्रिया किया गया था ,मामला यह है की एकल पद सरल भाषा में 01 पद की भर्ती में आरक्षण नियम लागु नही होता है ,प्रकरण में प्रदेश के समस्त नगरीय निकायो को अलग अलग इकाई मानकर कुल 103 पद लेखापाल भर्ती नगरीय प्रशासन विभाग ने किया है ,किसी भी भर्ती प्रक्रिया में नियमत निश्चित रूप से विभाग तथा वित्त विभाग से उक्त पदों की भर्ती हेतु भर्ती से पूर्व अनुमती लिया जाना अनिवार्यत होता है ,किन्तु कुल रिक्त 103 रिक्त पदों की जानकारी होने के उपरांत एकल पद में विभाग भर्ती प्रक्रिया को अंजाम दिया है |

भर्ती प्रकिया के विवादास्पद कड़ी :- संदर्भित भर्ती प्रक्रिया के लिए कुल 103 रिक्त पद के लिए संचनालय संचालक नगरीय प्रशासन विभाग से विज्ञापन जारी किया गया , आरक्षण नियम से बचने के लिए संचालक नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा एकल भर्ती के लिए निकाय को अलग अलग इकाई मानकर भर्ती प्रक्रिया किया गया , नगरीय प्रशासन द्वारा सामूहिक विज्ञापन तथा चयन प्रक्रिया पर सतत कार्यवाही किया गया किन्तु नियुक्ती आदेश को संबंधित नगरीय निकाय द्वारा कराया गया है ,चयन प्रक्रिया में राज्य स्तर पर मेरिट सूची बनाई गयी ,इस अवधी में नये स्वीकृत पद एवं किसी कारण से रिक्त पद को मेरिट सूची से ही भरने राज्य स्तरीय विज्ञापन में चाही गयी जिला पर नियुक्ती चयन हेतु जानबूझ करके व्यवस्था बनाई गयी इसका अर्थ राज्य को इकाई माना गया निकाय को नही ,उक्त रिक्त पदों की भर्ती एक साथ उक्त वर्ष / माह में किया गया है

श्री जांगडे ने उक्त भर्ती प्रक्रिया को असंविधानिक करार दिया है ,उक्त भर्ती प्रक्रिया पूर्णत अवैध तथा वंचित वर्गो के संविधानिक अधिकार के मूल भावना के विपरीत है | संविधान द्वारा प्राप्त आरक्षण को सड्यंत्र पूर्वक कुटनीतिक रूप से कुचलने का पर्यास किया गया है ,जिसमे छल षडयंत्र दूषित मन भेदभाव भ्रस्टाचार की भिनी-भिनी बू आरही है , राज्य सरकार सक्षम एजेंसी से सूक्ष्म जाँच करावे उक्त भर्ती प्रकिया को निरस्त करते हुए, जो भी जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी होंगे उनके विरुद्ध दंडनात्मक कार्यवाही करने की मांग किया है तथा उक्त वर्गो को न्याय प्रदान करने के लिए राज्यपाल ,मुख्यमंत्री , नगरीय प्रशासन मंत्री मुख्य सचिव ,को शिकायत ज्ञापन प्रेषित किया गया है |

प्रकाशनार्थ दैनिक ,सांध्य ,साप्ताहिक समाचार पत्र / पोर्टल न्यूज ( परमानंद जांगड़े )
पूर्व जिला पंचायत सदस्य रायपुर

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