💥रेत खनिज माफ़ियाँ कीं बल्ले बल्ले
कोविड लाकडाउन का बहाना बना खनिज माफ़ीयाओ के लिए वरदान।
💥खनिज विभाग सुस्त खनिज माफिया चुस्त।
💥राज्य शासन को रोज़ लाखों रूपये का लगाया जा रहा चुना।
💥 सैकड़ों जगह में हज़ारों ट्रक रेत का अवैध भंडारण 24 घंटे अवैध रेत उत्खनन जारी।
💥 खनिज नाका से लेकर ज़िला खनिज कार्यालय को अवैध उत्खनन परिवहन भंडारण दिखाई नही दे रहा है।
✍️✍️✍️परमानंद जांगड़े पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से कड़ी कार्यवाही का माँग किया है। उक्त विभाग मुख्य मंत्री जी का विभाग हैं जहाँ खनिज अमला बेलगाम हो गयी है श्री जांगड़े ने आरोप लगाया है की बिना खनिज विभाग के मिलीं भगत के आरंग में रेत का अवेध उत्खनन परिवहन भंडारण संभव नही है जिस पर संज्ञान लेते हुए सम्बंधित अमलें को कड़े निर्देश देते हुए कड़ी कार्यवाही की माँग किया है। तथा आरंग को माफ़ियाँओ से मुक्त कराने का निवेदन किया है।
आरंग खनिज माफ़ियाँओ का गड बनते जा रहा है। जहाँ शासन प्रशासन खनिज के अवैध कारोबार पर कार्यवाही करने में काफ़ी नाकाम दिख रही है। एक ओर
समूचा प्रदेश कोरोना महामारी के संकट से ज़ुझ रहे है ज़िले में लाँक डाउन लगा हुवा है। जहाँ दूसरे अन्य ज़िलों के सैकड़ों गाड़ियाँ आरंग के उक्त रेत खदानो में रेत परिवहन के लिये आ रहे है आपदा को अवसर में परिवर्तन करके सम्बंधित गाव को संकट में डालकर अवैध रूप से बिना रायल्टी पर्ची के 24 घंटे अवैध रूप से रेत उत्खनन किया जा रहा है जिससे राज्य सरकार को रोज़ाना लाखों रूपये की वित्तीय क्षति हो रही है। जो को उक्त राशि शासन द्वारा सम्बंधित प्रभावित ग्राम पंचायतो को विकास कार्य हेतु आबँटित किया जाता है जो अवैध उत्खनन के कारण पर्याप्त राशि विकास कार्य हेतु नही मिलती है। माफ़ियाँओ द्वारा
खनिज संपदा को खनिज माफिया लूट रही है खनिज विभाग का अमला आँख मुँदे चुप बैठी है।
आरंग विकास खंड के अंतर्गत ग्राम पारागाँव ,कुरुद ,कुटेला, हरदीडीह कुम्हारी में शासन से रेत खदान स्वीकृत है जहाँ
…..अवैध रूप से जगह जगह हज़ारों ट्रिप का अवैध भंडारण का अंबार किया गया है बिना रायल्टी पर्ची के रेत निकासी 24 घंटे बेधड़क रेत उत्खनन जारी है। खनिज प्रशासन कार्यवाही करने में नाकाम साबित हो रही है। खनिज माफियाओ द्वारा सत्ता के गलियारों के साथ पाटनर शीप में काम किये जाने को लेकर चर्चा है। जिसके कारण कार्यवाही नही किया जाता है।
सत्ता के रसूख़ के कारण शिकायतों के बाऊजुद कोई कार्यवाही नही किया जा रहा है जनता काफ़ी आक्रोशित है विरोध क़िये जाने वाले ग्रामीनो को झूठी केश में फँसा दिया जाता है बाहर से लठैत लाकर मारपीट क़िये जाने को लेकर काफ़ी शिकायत आती रही है। कही कोई सुनवाई नही होने से जनता शासन प्रशासन के कार्यप्रणाली से व्याकुल है। रेत माफ़ियाँओ का सेटिंग जुगाड़ ईतने तगड़े है की
खनिज अमले का नाका से लेकर उच्च कार्यकाल तक सबकी सेटिंग फ़िक्श है। संबंधितों को 24 घंटे रेत का अवैध उत्खनन / परिवहन / भंडारण शासकीय निर्धारित दर से अधिक दाम में रेत लोडिंग बिना रायल्टी के 24 घंटे गाड़ियाँ दौड़ रही है फ़ीर भी कुछ भी दिखाई नही दे रहा है क्या सेटिंग है ?पूछती है आरंग की जनता।
करोना महामारी एवं लाँक डाउन खनिज विभाग के लिये कार्यवाही नही करने का तगड़ा बहाना हो गया है।
को की खनिज माफ़ियाँ के लिये वरदान साबित हो गयी है।
श्री जांगड़े का आरोप है की खनिज माफ़ियाँओ पर कोई कार्यवाही नही किया जाना मिली भगत को संदेह पैदा करती है।
कोरोना महामारी काल में लाक डाउन रेत माफ़ियाँओ के लिये वरदान साबित हुए। खनिज माफ़ियाँओ के चेहरे खिले हुए है। अवैध रेत खनन पर कोई अंकुश नही खनिज प्रशासन संज्ञान लेकर खनिज माफ़ियाँओ पर कड़ी कार्यवाही करें। तथा मफ़ियाराज से आरंग विधानसभा को मुक्त करे।


